खेल मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करवाने पहुंची महिला कोच, दफ्तर में बुलाकर छेड़छाड़ करने के आरोप

चंडीगढ़ : हरियाणा के खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह पर छेड़खानी के आरोप लगाने वाली महिला कोच शिक्षा डांगर ने चंडीगढ़ पुलिस हेड क्वार्टर पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाई है। उन्होंने पुलिस को शिकायत देने के बाद बताया कि मंत्री के देश को शर्मसार करने वाला काम किया है। महिला कोच ने दावा किया है कि ओएसपी(आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पॉलिसी) के तहत उनका चयन सितंबर में हुआ था, जबकि मंत्री संदीप सिंह ने उन्हें 13 मई को ही स्पेन चैट पर एक लिस्ट भेजकर यह बता दिया था कि देखो आपका सिलेक्शन हो गया है। महिला कोच ने बताया कि खेल मंत्री द्वारा भेजी गई यह वहीं गोपनीय लिस्ट है, जो सरकार द्वारा सितंबर में जारी की गई थी। उन्होंने कहा कि संदीप सिंह की हरकत का पर्दाफाश करने के बाद से ही उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं। वहीं खेल मंत्री द्वारा उनके चरित्र पर लगाए गए सभी आरोपों को महिला एथलीट ने बेबुनियाद बताया।

इनेलो के दफ्तर में प्रेसवार्ता कर लगाए थे आरोप

दरअसल बीते दिन ही हरियाणा की एक एथलीट महिला खिलाड़ी ने खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह पर छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने खेल मंत्री पर टी-शर्ट फाड़ने और गलत तरीके से छूने की कोशिश करने का भी इलजाम लगाया है। उनका कहना है कि विरोध करने पर मंत्री ने उसका तबादला करने की धमकी दी और अब उसका ट्रांसफर झज्जर में कर दिया गया है, जहां 100 मीटर का भी खेल मैदान नहीं है। महिला ने कहा कि उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए खेल मंत्री ने महिला कोच के आरोप को गलत बताया है। वहीं इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि खेल मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

संदीप सिंह ने आरोपों को ठहराया निराधार, बोले- यह एक राजनीतिक षड्यंत्र

महिला एथलीट के आरोपों पर खेल मंत्री ने कहा कि, “एक खिलाड़ी के नाते हम ऑफिस में मिले हैं और ऐसा कुछ नहीं है। सभी खिलाड़ी मेरे पास आते हैं। आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन पॉलिसी के तहत लगे खिलाड़ियों ने मेरे पास आकर कहा कि हमें गृह जिला दे दीजिए। मैंने सभी को उनके गृह जिले में नियुक्ति दी। इस महिला को भी अपने गृह जिले में नियुक्ति दी गई, लेकिन वह अपने होम डिस्ट्रिक्ट नहीं जाना चाहतीं। इस महिला को पंचकूला में ही प्रैक्टिस करनी थी और यें मुझ से कल भी आकर मिली। मैंने इन्हें कल भी यही कहा था कि मुझे एक एप्लीकेशन दे दीजिए और आपकी मांग पूरी हो जाएगी। इसके बाद मैंने खेल डायरेक्टर को निर्देश भी दिया है कि खिलाड़ी जहां भी ट्रेनिंग करना चाहते हैं, उन्हें सुविधा दी जाए ”। वहीं महिला एथलीट के आरोपों पर एक्शन लेने के सवाल पर संदीप सिंह ने कहा कि, “यदि हम लोगों को मिलेंगे ही नहीं, तो उनकी समस्याएं कैसे सुनेंगे। इन खिलाड़ियों के साथ भी इसी नाते से मुलाकात की थी। अगर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं तो यह सरासर गलत है”। इसी के साथ महिला एथलीट द्वारा इनेलो के दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस करने पर संदीप सिंह ने कहा कि इन आरोपों के पीछे जरूर कोई राजनीतिक षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे।

महिला कोच का दावा, सुखना लेक पर मिलने के लिए बुलाया

चंडीगढ़ स्थित इनेलो ऑफिस में प्रेसवार्ता कर महिला कोच ने बताया कि उन्होंने हरियाणा एथलेटिक्स कोच पंचकूला में ज्वाइन किया था। खेल मंत्री भी वहां विजिट करने के लिए आते थे। इस बीच मंत्री संदीप सिंह ने उसके साथ इंस्टाग्राम पर बात की। मंत्री ने यह बात वेनिश मोड में की और सभी मैसेज 24 घंटे बाद खुद ही डिलीट हो गए। इसके बाद उन्होंने स्पेन चैट पर बात करने को कहा। यही नहीं इसके बाद मंत्री ने उसे सेक्टर 7 में लेक साइड पर मिलने के लिए बुलाया। जब वह मिलने नहीं गई तो संदीप सिंह उसे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक-अनब्लॉक करते रहे।

घर बुलाकर छूने की कोशिश की, विरोध करने पर दी धमकी

इसके बाद खेल मंत्री ने महिला कोच को किसी डॉक्यूमेंट के बहाने से अपने घर में बुलाया। महिला कोच ने बताया कि उस समय संदीप सिंह अपने ऑफिस में बैठने नहीं चाहते थे, क्योंकि वहां कैमरे लगे हुए हैं। इसलिए मंत्री उसे एक अलग केबिन में लेकर गए और वहां उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी। महिला कोच ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने मेरे पैर पर हाथ रखा और कहा कि तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हे खुश रखूंगा। इस दौरान खेल मंत्री ने कोच के साथ बदतमीजी की। संदीप सिंह ने कहा कि कई खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने कई खिलाड़ियों को ऊपर लेवल तक पहुंचाया है।

महिला कोच का दावा डीजीपी और सीएम के निजी सचिव से नहीं मिली मदद

महिला कोच ने आगे बताया कि वह किसी तरह खुद को बचा कर वहां से भागी। उस समय मंत्री का स्टाफ भी कोच को देखकर हंस रहा था। वहां से निकलने के बाद कोच ने इसकी शिकायत डीजीपी और मुख्यमंत्री के निजी सचिव को फोन कर इस घटना की सूचना दी। इसी के साथ गृह मंत्री अनिल विज की टीआरएफ से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। उसकी मदद करने की बजाए उसका तबादला कर दिया गया है। महिला कोच ने बताया कि उसे संदीप सिंह ने धमकी दी थी कि वह उसका ट्रांसफर करवा देगा। पीड़िता ने बताया कि उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। कोच ने बताया कि उनका तबादला झज्जर में कर दिया गया है, जहां प्रैक्टिस करने के लिए अच्छा खेल मैदान तक नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button