शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद की प्रतिमा खंडित, नाक तोड़ी
पुलवामा में 3 गोलियां लगने से शहीद हुए थे संदीप कालीरमण
फरीदाबाद। शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद संदीप सिंह कालीरमण की मूर्ति को रविवार रात खंडित कर दिया गया। यह मूर्ति उनके पैतृक गांव में बने शहीद स्मारक में लगी हुई है। इसके अलावा मूर्ति के आसपास बने कांच के घेरे को भी तोड़ दिया गया है। इसकी जानकारी सोमवार सुबह जब लोगों को हुई तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि शराबियों ने यह हरकत की है। इनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और सख्त सजा दी जाए।
बता दें कि संदीप सिंह कालीरमण साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 3 गोलियां लगने से शहीद हुए थे। वह 10 पैरा कमांडो में नायक के पद पर तैनात थे। मरणोपरांत उन्हें राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया। यह मामला फरीदाबाद जिले के अटाली गांव का है। गांव के खेल स्टेडियम में 2019 में शहीद स्मारक बनाया गया था, जिसमें शहीद संदीप कालीरमण की प्रतिमा बनाई गई थी।
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इसके रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। सोमवार सुबह जब मैदान में ग्रामीण सैर करने के लिए पहुंचे थे तो उन्होंने शहीद की खंडित प्रतिमा देखी। ग्रामीणों का आरोप है कि खेल स्टेडियम में शराबी किस्म के लोग नशा करते हैं। उन्होंने ही इस मूर्ति को खंडित किया है। शरारती तत्वों ने शहीद की मूर्ति की नाक तोड़ दी। इसके साथ ही मूर्ति के चारों तरफ लगे शीशे की दीवार तो भी तोड़ दिया है।
शहीद संदीप की मूर्ति खंडित होने से ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि शहीद की मूर्ति को खंडित करना शहीदों का अपमान है। रात के अंधेरे में शराब पीकर किसी शरारती तत्व ने इस घटना को अंजाम दिया है। इसके बाद ग्रामीणों ने छांयसा थाने में इसकी शिकायत दी। वहीं, शहीद संदीप कालीरमण के छोटे भाई सोनू ने बताया है कि शहीद किसी एक घर या गांव का नहीं होता, बल्कि पूरे देश का होता है। इसलिए, जिन लोगों ने यह काम किया है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आगे से कोई ऐसी हरकत न कर सके।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों तक जाएंगे, और जिन लोगों ने यह काम किया है उसे सजा दिलाकर रहेंगे। वहीं, इस मामले में थाना प्रभारी रणधीर सिंह का कहना है कि वह सोनू काली रमन की शिकायत पर मामले की जांच कर रहे हैं। जल्द ही आरोपितों को पकड़ लिया जाएगा। बता दें कि बलिदानी संदीप सिंह अटाली 10 पर कमांडो में हवलदार थे। वह आतंकवादियों से लड़ते हुए 12 फरवरी 2019 को घायल हो गए थे और 19 फरवरी 2009 को उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए थे। बलिदानी का ग्रामीणों ने यहां पर स्मारक बनाया हुआ है।
