बल्लभगढ़। ब्राह्मण समाज बल्लभगढ़ द्वारा महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर एक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सौजन्य से ब्राह्मण भवन, बल्लभगढ़ में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के महानायक को श्रद्धांजलि अर्पित करना और नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना था।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे पं. सुजीत आजाद उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद केवल एक नाम नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता का वह अग्निशिखा थे जिन्होंने अपना जीवन मातृभूमि पर न्यौछावर कर दिया। आज उनकी जयंती पर युवा पीढ़ी को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे देशहित को सर्वोपरि मानें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा नेता टिपरचंद शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन साहस, बलिदान और राष्ट्रप्रेम की अद्वितीय मिसाल है। ऐसे महापुरुषों की स्मृति में होने वाले कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि नहीं, अपितु आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का माध्यम हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, बृजमोहन बातिश, पार्षद योगेश शर्मा, ज्ञानेंद्र भारद्वाज, सोनू वैष्णव, कांग्रेस नेता पराग शर्मा, गिरीश भारद्वाज, बीडी. शर्मा, सुभाष शर्मा तथा विजय शर्मा उपस्थित रहे।
कवि सम्मेलन में यशदीप कौशिक, मोहन शास्त्री, पुनीत पांचाल, केशव मिश्रा, मनोज मिश्रा एवं देवेंद्र गॉड जैसे प्रतिष्ठित कवियों ने देशभक्ति से सराबोर कविताओं के माध्यम से श्रोताओं के मन में जोश और गौरव का संचार किया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष मोहन शास्त्री ने सभी अतिथियों, कवियों और श्रोताओं का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन राष्ट्रीय चेतना को जीवित रखने में सहायक होते हैं।
