मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट में दीक्षारंभ-2025 ओरिएंटेशन प्रोग्राम
भारत में कॉलेज नामांकन 10 वर्षों में होगा दोगुना: प्रो.टी.जी.सीतारम
फरीदाबाद। मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज ने अपने दीक्षारंभ 2025 ओरिएंटेशन प्रोग्राम के अंतर्गत एक विशेष सत्र का आयोजन किया, जिसमें अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो.टी.जी.सीतारम ने नवागंतुक विद्यार्थियों को संबोधित किया। यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप मूल्य-आधारित और भविष्योन्मुखी शिक्षा की नींव रखने हेतु आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो.सीतारम ने भारत में उच्च शिक्षा की दिशा और विकास पर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय भारत में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात मात्र एक प्रतिशत था। आज यह बढ़कर 29 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जिसमें 4.5 करोड़ से अधिक विद्यार्थी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नामांकित हैं। अगले 10 वर्षों में यह आंकड़ा 9 करोड़ तक पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि यह विस्तार केवल आकार में नहीं, बल्कि शिक्षा तक पहुंच, संरचनात्मक सहजता और उद्देश्य की स्पष्टता में भी एक बड़े बदलाव को दर्शाता है।
यह भी पढ़ें
डॉ.प्रशांत भल्ला, अध्यक्ष, एमआरईआई ने कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए उनके शैक्षणिक जीवन की एक निर्णायक शुरुआत है। मानव रचना का उद्देश्य उन्हें मजबूत शैक्षणिक आधार देने के साथ-साथ उन्हें परिवर्तन के दौर को आत्मविश्वास से अपनाने का दृष्टिकोण भी प्रदान करना है। डॉ. अमित भल्ला, उपाध्यक्ष, एमआरईआई ने कहा कि हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि विद्यार्थी सिर्फ अकादमिक रूप से नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र के लिए तैयार हों।
हमारी शैक्षणिक सोच में ज्ञान, नवाचार, मूल्यों और जीवन-कौशल का समावेश है, जो विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाता है। डॉ.संजय श्रीवास्तव, कुलपति, एमआरआईआईआरएस ने कहा कि हम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की दृष्टि के साथ पूर्ण रूप से समन्वित हैं और अपनी सभी शैक्षणिक धाराओं में उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत हैं।
