रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में उमड़ी भीड़, राखियों की खरीदारी में दिखा उत्साह
फरीदाबाद। रक्षाबंधन पर्व को लेकर जिले के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। शहर के प्रमुख बाजारों में राखी की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। रंग-बिरंगी राखियों से सजी दुकाने ग्राहकों को खूब आकर्षित करती हैं। शनिवार को बहनों ने अपने भाइयों के लिए राखियों की खरीदारी की, जिससे बाजारों में खासा उत्साह देखा गया।
बाजारों में इस बार राखियों के 25 हजार से ज्यादा डिजाइन मौजूद हैं। रक्षाबंधन में अब सिर्फ एक दिन शेष हैं, ऐसे में शहर के एनआईटी-एक, एनआईटी-पांच, बल्लभगढ़, सेक्टर-15, ओल्ड फरीदाबाद, सराय ख्वाजा, तिगांव और ग्रेटर फरीदाबाद के बाजारों में खरीदारी का दौर तेज हो गया है।
धागे, लकड़ी, एडी जरकन, ब्रेसलेट और स्टोन वाली राखियों की मांग अधिक बनी हुई है। बुधवार शाम को महिलाएं बाजारों में खरीदारी करती नज़र आईं। अधिकांश महिलाएं ब्रेसलेट और धागे वाली राखियों को प्राथमिकता दे रही थीं। वहीं बच्चों के लिए कार्टून थीम पर आधारित राखियों की भी भरमार है।
छोटे बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए डोरिमॉन, छोटा भीम, कैप्टन, स्पाइडरमैन, सीटी वाली, घड़ी बैंड और मोटू-पतलू जैसी राखियां खूब बिक रही हैं। एनआईटी-पांच में राखी विक्रेता राहुल गुप्ता ने बताया कि अब तक 80 प्रतिशत राखियों की बिक्री हो चुकी है।
यह भी पढ़ें
उनके पास 10 हजार से अधिक डिजाइनों में राखियां उपलब्ध हैं, जिनमें चंदन धागा, भैया-भाभी, चांदी की राखियां और कार्टून थीम शामिल हैं। चांदी की राखियां 140 से 400 रुपये के बीच मिल रही हैं। वहीं कार्टून राखियों के करीब 80 डिज़ाइन उपलब्ध हैं। चंदन की राखियों की कीमत 60 से 150 रुपये तक है, जबकि एडी स्टोन की राखियां 50 रुपये से लेकर 850 रुपये तक बिक रही हैं। घड़ी वाली राखियों में लाइट की सुविधा भी है। इसके अलावा गुड्डा नुमा राखियों की भी बिक्री हो रही है। भाई-भाभी के लिए जोड़ी वाली राखियों के साथ एमवाई, प्लास्टिक मोती, स्टोन और स्वास्तिक राखियों की भी मांग बनी हुई है।
इधर, एनआईटी-एक बाजार में भी राखियों की बिक्री जोरों पर रही। अलग-अलग डिजाइनों की राखियों से सजे बाजार में बुधवार को भारी खरीदारी दर्ज की गई। दुकानदार रमेश शर्मा के अनुसार, शाम के समय खरीदारी में तेजी देखी जा रही है। वहीं बल्लभगढ़ बाजार में भी दुकानों की रौनक देखने लायक थी।
चांदी की राखियों की भी मांग लगातार बनी हुई है। सुनारों द्वारा बेची जा रही ये राखियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। बल्लभगढ़ के आभूषण विक्रेता रमेश का कहना है कि हर साल चांदी की राखियों की मांग बनी रहती है। 500 से 1000 रुपये तक की चांदी राखियों की बिक्री सबसे अधिक होती है। एनआईटी-एक बाजार में आभूषण विक्रेता सुशांत नौनिहाल ने बताया कि उनके पास चांदी के ब्रासलेट और स्टोन जड़ी राखियों की रेंज मौजूद है, जिनकी कीमत आठ हजार रुपये तक जाती है।
