फरीदाबाद। जे.सी.बोस विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित इंजीनियरिंग छात्रों के लिए दो सप्ताह का प्रेरण कार्यक्रम सोमवार से शुरू हो गया। कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के पूर्व कुलपति प्रो.बी.एस.राजपूत मौजूद रहे।
अपने संदेश में कुलपति प्रो.सुशील कुमार तोमर ने नए छात्रों का स्वागत किया और उन्हें विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग का मूल उद्देश्य नवाचार का उपयोग समाज के भले के लिए करना है। उन्होंने छात्रों से पर्यावरणीय चुनौतियों, विशेष रूप से प्रदूषण, को रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाकर कम करने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
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डीन छात्र कल्याण प्रो. प्रदीप डिमरी ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए विभिन्न छात्र क्लबों और गतिविधियों के बारे में बताया। प्रो. मुनीश वशिष्ठ, डीन (संस्थान) ने प्रेरण कार्यक्रम के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह छात्रों को विश्वविद्यालय के माहौल में सहज बनाने में मदद करता है और उन्हें सहपाठियों, शिक्षकों और परिसर में उपलब्ध अवसरों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रो. राज कुमार, डीन (एफईटी), ने इंजीनियरिंग विभागों और उनके कार्यों का अवलोकन प्रस्तुत किया, जबकि प्रो. संदीप ग्रोवर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्य अतिथि प्रो.बी.एस.राजपूत ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के संदर्भ में वेदों के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्रों से पारंपरिक ज्ञान में निहित अनुसंधान-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन कुलसचिव प्रो. अजय रंगा के प्रेरक संबोधन से हुआ। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. अभिनव सक्सेना और सतविंदर सिंह की अहम भूमिका रही।
