फरीदाबाद। श्री धार्मिक लीला कमेटी, 5 नंबर एम ब्लॉक, एनआईटी फरीदाबाद द्वारा आयोजित रामलीला में सोमवार की रात कैकई और दशरथ के कोप भवन दृश्य का भावुक अभ्यास साज और संगीत के साथ संपन्न हुआ। निर्देशक हरीश चंद्र आजाद ने बताया कि यह दृश्य रामलीला के सबसे मार्मिक प्रसंगों में से एक है, जिसमें संवादों के साथ भावनात्मक संगीत भी निरंतर बजता रहता है। उन्होंने बताया कि मंच पर कलाकारों को संवादों और संगीत के बीच बेहतर तालमेल के लिए अंतिम अभ्यास इसी रूप में करवाया जाता है, ताकि मंचन के समय भावों की अभिव्यक्ति सशक्त रूप से दर्शकों तक पहुंचे।
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दशरथ की भूमिका निभा रहे पंकज खरबंदा और कैकई की भूमिका में रिया खरबंदा ने करीब 30 भावुक संवादों का अभ्यास किया। संवाद हे पापिन! इस राज्य पर क्यों करती अन्याय है…और सुन चुकी हूँ बहुत कुछ राजन बहाने आपके… जैसे दृश्यों ने अभ्यास के दौरान ही माहौल को भावुक बना दिया। आजाद ने बताया कि रामलीला मंचन में प्रतिदिन एक-दो ऐसे दृश्य अवश्य होते हैं, जिनमें कलाकारों को अपने अभिनय और संवादों के साथ-साथ संगीत के अनुरूप भी प्रदर्शन करना होता है। इसके लिए संगीतकार और कलाकार दोनों का सामंजस्य आवश्यक होता है। इसी क्रम में अगला अभ्यास युद्ध दृश्यों का होगा, जिसमें युद्ध के संगीत और संवादों का संयोजन करवाया जाएगा।
