नीलम चौक अब ‘गुरु तेग बहादुर चौक’ के नाम से जाना जाएगा, केंद्रीय राज्य मंत्री गुर्जर ने किया नामकरण

फरीदाबाद। आज का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण रहा, जब वर्षों से नीलम चौक के नाम से पहचाना जाने वाला यह प्रमुख चौराहा आधिकारिक रूप से ‘गुरु तेग बहादुर चौक’ के नाम से घोषित किया गया। यह निर्णय गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष में लिया गया है। श्री गुर्जर ने आज नीलम चौक का नाम गुरु तेग बहादुर चौक के नाम से घोषित किया। उनके साथ बड़खल विधायक धनेश अदलखा, एनआईटी फरीदाबाद विधायक सतीश फागना भी मौजूद रहे।

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत सदियों से मानवता, धर्म-रक्षा और अदम्य साहस का प्रतीक रही है। उन्होंने धर्म के लिए प्राण त्याग दिए, किंतु सिद्धांतों से विचलित होना स्वीकार नहीं किया। यह नामकरण फरीदाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि ऐसे महापुरुष सम्पूर्ण मानवता की धरोहर होते हैं। गुरु गोबिंद सिंह  के साहिबजादों की शहादत भारत की इतिहास धारा में अमिट है, जहां दो युद्धभूमि में वीरगति को प्राप्त हुए और दो नन्हे राजकुमारों को जीवित दीवार में चुनवा दिया गया। उन्होंने कहा कि आपदाओं और संकटों के समय गुरुद्वारों द्वारा किए गए सेवा कार्य, विशेषकर कोरोना महामारी के दौरान लाखों लोगों के लिए प्रतिदिन लंगर उपलब्ध कराना, मानवता की अनुपम मिसाल है। उन्होंने कहा कि नीलम चौक का नया नाम गुरु तेग बहादुर चौक आने वाली पीढ़ियों को उन वीरों की याद दिलाता रहेगा, जिन्होंने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह परिवर्तन केवल एक नामकरण नहीं, बल्कि उन मूल्यों और त्याग की स्मृति को सम्मान देने का संकल्प है, जिनके कारण आज हम स्वतंत्रता का आनंद ले पा रहे हैं।

बड़खल विधायक धनेश अदलखा ने कहा कि फरीदाबाद के एनआईटी क्षेत्र में स्थित नीलम चौक का नाम आज औपचारिक रूप से गुरु तेग बहादुर चौक घोषित किया गया। यह निर्णय गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर उन्हें समर्पित दिवस के रूप में लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही इसी चौक से थोड़ा आगे गुरु तेग बहादुर द्वार के निर्माण का शिलान्यास किया जाएगा, ताकि गुरु साहिब की शहादत और मानवीय मूल्यों को नई पीढ़ी तक प्रेरणादायक रूप में पहुंचाया जा सके। इसके अतिरिक्त सलूजा साहिब पेट्रोल पंप से केसी रोड तक की सड़क को ‘बाबा बंदा सिंह बहादुर मार्ग नाम देने की भी बात सरकार से चल रही है।
विधायक सतीश फागना ने कहा कि फरीदाबाद के ऐतिहासिक नीलम चौक, जिसे अब आधिकारिक रूप से गुरु तेग बहादुर चौक नाम दिया गया है, को लेकर क्षेत्र में हर्ष और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत मानवता, साहस और धर्म-रक्षा का अमर प्रतीक है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। चौक का यह नया नाम आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों की निरंतर याद दिलाता रहेगा।
इस अवसर पर पार्षद सुमन बाला, जसवंत सिंह, सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्य और अन्य कई पार्षदगण और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति गण मौजूद रहे।

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