सरस आजीविका मेले में जम्मू-कश्मीर की महिलाओं की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र
हरियाणा सरकार के आयोजन से कारीगरों और एसएचजी को मिला सशक्त मंच
फरीदाबाद। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के निर्देशानुसार और सीईओ जिला परिषद शिखा के मार्गदर्शन में सेक्टर-12 एचएसवीपी ग्राउंड में आयोजित स्वदेशी उत्सव एवं सरस आजीविका मेला में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। इसी क्रम में जिला उधमपुर, जम्मू-कश्मीर से आईं अर्चना देवी ने मेले में अपने अनुभव साझा किए। अर्चना देवी ने बताया कि वह उम्मीद स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं और इस मेले के माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों को देश के अन्य राज्यों के लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला है।
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मेले को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए अर्चना देवी ने कहा कि उन्हें इस मेले में आकर बेहद अच्छा लग रहा है। उन्होंने बताया कि यहां का वातावरण सहयोगपूर्ण है और कारीगरों व स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित इस मेले में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है। अर्चना देवी ने आयोजन व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि ऑर्गेनाइजिंग कमेटी द्वारा स्टॉल, सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं का बेहतर प्रबंध किया गया है,
जिससे प्रतिभागियों को सहजता से अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेलों से न केवल स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलता है, बल्कि विभिन्न राज्यों की संस्कृति और हस्तशिल्प को एक-दूसरे से जोडऩे का भी कार्य होता है। उन्होंने हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के मेलों का आयोजन होते रहना चाहिए।
