‘विकसित भारत-जी-राम-जी’ से गांवों में आएगी रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई क्रान्ति : कृष्णपाल गुर्जर

केंद्रीय मंत्री ने गिनाए ‘विकसित भारत-जी-राम-जी’ योजना के बड़े फायदे

फरीदाबाद। केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि ’विकसित भारत- ’’जीरामजी’’  केवल रोजग़ार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। जीरामजी योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है। उन्होंने कहा कि कसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गाँवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है। श्री गुर्जर ने कहा कि यह विधेयक वस्तुत: भारत के ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास की दिशा में एक ठोस कदम है। भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी इसके प्रमुख उद्देश्य हैं,

जिससे आत्मनिर्भर और सशक्त गाँवों का निर्माण संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गरीब, किसान और मजदूर का विकास ही हमेशा से प्राथमिकता पर रहा है। वर्ष 2014 में जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने, तब से उनकी सरकार ग्राम, गरीब, किसान के लिए समर्पित है और उनको सशक्त करने के लिए लगातार काम कर रही है । देश में लागू विकसित भारत गारंटी फॉर रोजग़ार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून को लेकर केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा । भाजपा जिला कार्यालय अटल कमल पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, पूर्व जिला महामंत्री मूलचन्द मित्तल, जिला महामंत्री चौधरी प्रवीन गर्ग, शोभित अरोड़ा, जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह अरुआ, भारती भाकुनी, जिला सचिव मनीष छोंकर, जिला मीडिया प्रभारी विनोद गुप्ता एवं कार्यालय सचिव राज मदान, माधव रावत मुख्य तौर पर उपस्थित रहे।   केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मोदी जी ने 2047 तक देश को विकसित करने का लक्ष्य तय किया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नए कानून बनायें गए हैं, नई योजनायें लाई गईं हैं । मोदी सरकार का मानना है जब तक गाँव विकसित नहीं होगा तब तक देश को विकसित बनाने के लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर सकते। ’विकसित भारत-जी-राम-जी कानून ग्रामीण विकास का कानून है । 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को साकार करने वाला कानून है।

विकसित गाँव के लक्ष्य को लेकर शुरू की गई ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का मुख्य उद्देश्य पुराने कानूनों की कमियों को दूर करना, व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाना और राज्यों के सहयोग से इस योजना का डिजिटलीकरण करना है। इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायतों का निर्माण, ग्राम पंचायतों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएँ तैयार करने का अधिकार देना और ग्रामीण सभाओं को सशक्त बनाना भी इस योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं। इस योजना के अंतर्गत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। मजदूरी की राशि सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी और यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अपने अधिकारों की मांग के लिए एक मजबूत और वैध दस्तावेज होगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान की कटाई के दौरान 60 दिनों तक कार्य बंद रहेगा, ताकि खेती पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। योजना में प्रशासनिक व्यय को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है तथा महिलाओं को विशेष प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण विकास कार्यों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिससे कार्यों का निष्पादन तेजी और प्रभावी ढंग से हो सके। श्री गुर्जर ने कहा कि सरकार की इस योजना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से हमारे सभी मंत्री विधायक गाँव-गाँव जाकर जनता से सीधा संवाद करेंगे।

इस दौरान वे विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और भ्रम को तथ्यों के साथ बेनकाब करेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक गाँव आत्मनिर्भर बने और देश के समग्र विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। जि़ला अध्यक्ष पंकज रामपाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा लाया गया वीबी जीरामजी कानून श्रमिकों को न्याय, उचित पारिश्रमिक और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे धन सही लाभार्थियों तक पहुँचेगा। वीबी जीरामजी योजना के तहत मनरेगा के मुकाबले 125 दिन काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना गांव में ही काम उपलब्ध कराने, और कृषि व ग्रामीण विकास से जुड़े कामों के माध्यम से फायदा पहुँचाएगी, जिससे पलायन रुकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

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