बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन सख्त, हर सूचना पर होगी त्वरित कार्रवाई : आयुष सिन्हा

डीसी के मार्गदर्शन में मंदिरों और मस्जिदों में दिलाई गई बाल विवाह न करने की शपथ

फरीदाबाद। भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आज नेहरू कॉलोनी मंदिर, इंदिरा नगर मंदिर, डबुआ कॉलोनी मंदिर और ओल्ड फरीदाबाद स्थित मस्जिद  में बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान वहां उपस्थित आमजन को यह शपथ भी दिलाई गयी कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह नहीं करवाएंगे और न ही होने देंगे।  संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत यह एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

इसके बावजूद समाज में जागरूकता की कमी, परंपरागत सोच और सामाजिक दबाव के कारण आज भी कई स्थानों पर बाल विवाह की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस कुरीति के खिलाफ खड़ा हो। हेमा कौशिक ने समाज के प्रत्येक सदस्य से अनुरोध किया कि वे ऐसे मामलों को अनदेखा न करें और समय रहते प्रशासन को इसकी सूचना दें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बाल विवाह की सूचना देने वाले शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्राप्त हर सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हेमा कौशिक ने बताया कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत लागू कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी भी क्षेत्र, मोहल्ले या गांव में बाल विवाह होने की जानकारी मिले तो उसे तुरंत रोकने का प्रयास करें और मामले की सूचना निकटतम पुलिस थाना या चौकी को दें। इसके अतिरिक्त, शिकायत दर्ज कराने के लिए नागरिक किसी भी समय पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं।

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