स्वस्थ भारत का संकल्प: हैबिल्ड ने शुरू किया ‘हर घर योग’ अभियान, लाखों भारतीय एक साथ सुधारेंगे अपनी जीवनशैली
35 लाख से अधिक सदस्यों की भागीदारी के साथ ‘हर घर योग’ बना देश का सबसे बड़ा डिजिटल वेलनेस आंदोलन
भारत के अग्रणी हैबिट-बिल्डिंग प्लेटफॉर्म हैबिल्ड ने नए साल के अवसर पर अपनी फ्लैगशिप पहल ‘हर घर योग’ के भव्य शुभारंभ की घोषणा की है। इस मुहिम का मूल उद्देश्य भारतीयों को भारी-भरकम संकल्पों के बोझ से आज़ाद कर, योग की एक सरल, प्रभावी और स्थायी आदत के साथ साल की शुरुआत करने के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत संस्थान 21 दिनों की एक विशेष ‘निःशुल्क डिजिटल योग यात्रा’ का आयोजन कर रहा है।
‘हर घर योग’ इस विचार पर आधारित है कि वास्तविक स्वास्थ्य सुधार ‘एक दिन के बड़े बदलाव’ से नहीं, बल्कि ‘हर दिन के छोटे प्रयासों’ से संभव है। यह पहल आयु, लिंग और भौगोलिक सीमाओं को तोड़ते हुए हर किसी को बिना किसी दबाव, महंगे जिम सेटअप या परफेक्शन के तनाव के बिना योग अपनाने का न्योता देती है। यह उन लोगों के लिए एक ठोस मंच है जो योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहते हैं।
आज जब वेलनेस केवल कुछ लोगों तक सीमित रह गई है, हैबिल्ड इसे हर घर तक सुलभ और ‘कंसिस्टेंट’ बनाने के मिशन पर है। यह एक ‘डिजिटल-फर्स्ट’ पहल है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि योग एक मौसमी शौक नहीं, बल्कि एक स्थायी संस्कार बन जाए।
इस अभियान की कमान हैबिल्ड के सह-संस्थापक, आईआईटी (IIT) एलुमनी और सरकार द्वारा प्रमाणित योग विशेषज्ञ सौरभ बोथरा के हाथों में है। सौरभ का दृढ़ विश्वास है कि सार्थक स्वास्थ्य परिवर्तन तभी आता है जब हम अपनी आदतों को सूक्ष्म स्तर पर बदलना शुरू करते हैं।
पारंपरिक फिटनेस चैलेंजेस के विपरीत, ‘हर घर योग’ योग को महज़ ‘वर्कआउट’ नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक संतुलन का ‘लाइफस्टाइल टूल’ मानता है। इस मुहिम का केंद्र यूट्यूब पर होने वाले लाइव ऑनलाइन योग सत्र हैं, जो प्रतिभागियों को एक अनुशासित ढांचा और निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जिससे योग को सहजता से रोज़मर्रा की ज़िंदगी में पिरोया जा सके।
इस पहल की सबसे बड़ी विशिष्टता इसकी ‘कम्युनिटी पावर’ है। जून 2025 में 35 लाख से अधिक सक्रिय प्रतिभागियों का आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि जब लोग एक साथ अभ्यास करते हैं, तो व्यक्तिगत मेहनत एक सामूहिक ऊर्जा में बदल जाती है।
व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे सुलभ प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर हैबिल्ड ने तकनीक की बाधाओं को खत्म कर दिया है। यह संदेश अब और भी मज़बूत हुआ है कि स्वस्थ आदतें बनाने के लिए जटिल टूल्स की नहीं, बल्कि सही इरादे और आसान पहुंच की ज़रूरत है।
लॉन्च पर अपने विचार साझा करते हुए हैबिल्ड के सह-संस्थापक और योग शिक्षक सौरभ बोथरा ने कहा, “ज़्यादातर लोग साल की शुरुआत बड़े-बड़े स्वास्थ्य संकल्पों से करते हैं, जो कुछ ही हफ्तों में दम तोड़ देते हैं। ‘हर घर योग’ के जरिए हम वेलनेस को डिकोड और सरल बना रहे हैं। योग कभी भी डराने वाला या थकाने वाला नहीं होना चाहिए। हमारी 21 दिनों की निःशुल्क यात्रा यह अनुभव कराने के लिए है कि कैसे रोज़ाना के छोटे-छोटे अभ्यास समय के साथ बड़े और सकारात्मक बदलाव लाते हैं। हमारा लक्ष्य हर भारतीय घर में स्वास्थ्य की एक स्थायी लौ जलाना है।”
