नगर निगम का आरडब्ल्यूए और गेटेड सोसाइटी को अंतिम अल्टीमेटम, कचरा अलग नहीं किया तो लगेगा भारी जुर्माना
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी की बड़ी सोसाइटियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के लिए अब मनमानी के दिन लद चुके हैं। नगर निगम आयुक्त (कमिश्नर) धीरेंद्र खड़गटा ने एक ऐसा आदेश जारी किया है जिसने पूरे शहर की गेटेड सोसाइटियों में हड़कंप मचा दिया है। अब कचरे को गीला, सूखा और खतरनाक (सेनेटरी वेस्ट, मास्क, दवाइयां) श्रेणियों में बांटना कोई विकल्प नहीं, बल्कि कानूनी मजबूरी है। आयुक्त ने साफ कर दिया है कि यदि नियमों की अनदेखी हुई, तो भारी जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
बल्क वेस्ट जेनरेटरों को खुद करना होगा कचरे का इलाज
आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने स्पष्ट किया कि जो आरडब्ल्यूए और गेटेड सोसाइटी रोजाना 100 किलोग्राम से अधिक ठोस कचरा या 300 लीटर से अधिक अपशिष्ट उत्पन्न करती हैं, उन्हें ‘बल्क वेस्ट जेनरेटर’ घोषित कर दिया गया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत आरडब्ल्यूए और गेटेड सोसाइटी के लिए अनिवार्य है कि वे अपने गीले कचरे (जैव अपघटनीय) का निपटान अपने ही कैंपस के अंदर खाद (कम्पोस्टिंग) बनाकर करें। निगम अब इन आरडब्ल्यूए और गेटेड सोसाइटी का गीला कचरा नहीं उठाएगा।
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खतरनाक कचरे पर ‘जीरो टॉलरेंस’
निगमायुक्त के अनुसार, घरेलू खतरनाक कचरा सबसे बड़ा सिरदर्द है। इसमें सेनेटरी वेस्ट, उपयोग किए गए मास्क, एक्सपायरी दवाइयां, पुराने बल्ब और बैटरियां शामिल हैं। इन्हें सामान्य कूड़े में मिलाना अब अपराध माना जाएगा। आरडब्ल्यूए और गेटेड सोसाइटी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अलग-अलग डस्टबिन सुनिश्चित करें और निवासियों की सख्त निगरानी करें।
निगम देगा तकनीकी ट्रेनिंग, हेल्प डेस्क स्थापित
नगर निगम फरीदाबाद ने जानकारी दी है कि जो भी आरडब्ल्यूए अथवा गेटेड सोसाइटी गीले कचरे के ऑन-साइट निपटान/कम्पोस्टिंग की प्रक्रिया अपनाना चाहती हैं, उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके लिए संबंधित सोसायटी आईईसी एक्सपर्ट कल्पना मंडल से मोबाइल नंबर 7888003687 पर संपर्क कर सकती हैं।
