गंभीर चोट के इलाज में देरी मरीज पर पड़ सकती है भारी : डॉ. राकेश कुमार

फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल ओर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (सीएमई) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल आर्थोपेडिक विभाग के निदेशक डॉ. राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य डॉक्टरों को इलाज के दौरान सही समय पर मरीज को बेहतर इलाज केंद्र में भेजने की जानकारी देना रहा।  सीएमई का विषय कब मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जाना चाहिए रखा गया। इस मौके पर एकॉर्ड अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग के निदेशक डॉ. राकेश कुमार ने डॉक्टरों को बताया कि कई बार मरीज की हालत सामान्य इलाज से बाहर हो जाती है और ऐसे में देरी मरीज के लिए खतरे का कारण बन सकती है।

उन्होंने कहा कि गंभीर सडक़ दुर्घटनाओं, हड्डियों के जटिल फ्रैक्चर, ज्यादा खून बहने, सिर में गंभीर चोट, एक से अधिक अंगों में चोट, या अचानक तबीयत ज्यादा बिगडऩे की स्थिति में मरीज को तुरंत उच्च केंद्र पर रेफर करना चाहिए। इससे मरीज को समय पर विशेषज्ञ इलाज और आधुनिक सुविधाएं मिल पाती हैं। कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों के साथ केस स्टडी के माध्यम से चर्चा की गई, जिससे विषय को आसानी से समझा जा सका। नीमा एसोसिएशन से जुड़े वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सही समय पर लिया गया निर्णय मरीज की जान बचा सकता है। इस दौरान डॉक्टरों ने विशेषज्ञों से सवाल जवाब भी किए, जिसका विशेषज्ञों ने बखूबी जबाव दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि डॉक्टरों का ज्ञान बढ़े और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

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