सभी मिलकर राष्ट्र निर्माण करेंगे तो जल्द बनेंगे विश्व गुरु : स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य

गणतंत्र दिवस पर स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद-वेदांग संस्कृत महाविद्यालय में भव्य समारोह

फरीदाबाद। सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम परिसर में संचालित स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद-वेदांग संस्कृत महाविद्यालय में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके पश्चात  जगदगुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान, अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और छात्रों से आह्वान किया कि वे देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। स्वामीजी ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति केवल अधिकारों की मांग से नहीं, बल्कि कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक निर्वहन से होती है। स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने देशभक्ति की भावना पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, वेद-वेदांत और योग जैसी परंपराएँ विश्व को मार्गदर्शन देने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने देशभक्ति और सामाजिक दायित्वों को भी जीवन में उतारने की प्रेरणा दी तथा कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने सामथ्र्य के अनुसार राष्ट्र सेवा के लिए आगे आना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्रों द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और नृत्य को प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय एकता और भारतीय संस्कृति के गौरव को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छात्रों द्वारा किया गया योग आसनों का प्रदर्शन रहा। योग के विभिन्न आसनों का प्रदर्शन कर विद्यार्थियों ने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया। योग प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। समारोह के अंत में महाविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों, आचार्यगणों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने उपस्थित सभी लोगों में देशप्रेम, अनुशासन और सेवा भावना का संचार किया। श्री गुरु महाराज ने सभी बच्चों को उपहार और आगंतुकों को प्रसाद एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

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