केंद्रीय बजट 2026–27 : विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने वाला, समाज और सेवा को केंद्र में रखने वाला बजट : विमल खंडेलवाल

फरीदाबाद। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 को भारतीय जनता पार्टी फरीदाबाद के NGO प्रकोष्ठ जिला संयोजक विमल खंडेलवाल ने देश की आर्थिक मजबूती, सामाजिक संतुलन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला दूरदर्शी बजट बताया है।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है। बुनियादी ढांचे के लिए पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर लगभग 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाना, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और तकनीकी विकास पर दिया गया जोर यह दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालीन विकास की मजबूत नींव रख रही है।

उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, रेयर अर्थ मिनरल्स और आधुनिक विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली योजनाएं भारत को तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण क्षेत्र पर बजट में विशेष ध्यान देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, तकनीक आधारित कृषि, बागवानी, पशुपालन और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन देने वाली योजनाएं गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगी। यह प्रयास ग्रामीण भारत और शहरी विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यक दवाओं पर राहत, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा क्षेत्र में निवेश से आम नागरिक को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता पर केंद्रित योजनाएं सामाजिक संगठनों और NGO के लिए भी सेवा और सहयोग के नए अवसर प्रदान करेंगी।
खंडेलवाल ने यह भी कहा कि आयकर स्लैब में स्थिरता बनाए रखते हुए सरकार ने आर्थिक अनुशासन और निवेश आधारित विकास को प्राथमिकता दी है। राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने का लक्ष्य यह दर्शाता है कि सरकार आर्थिक मजबूती के साथ-साथ जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के प्रति भी प्रतिबद्ध है।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट सेवा, सुशासन, समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करता है। यह बजट समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का स्पष्ट संदेश देता है और एक विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है।

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