एशिया मोरेंगो अस्पताल में सर्जरी के बाद बच्चे की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
फरीदाबाद। फरीदाबाद के सेक्टर 16 स्थित एशिया मोरेंगो अस्पताल में तीन महीने के बच्चे की मौत को लेकर परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मृतक बच्चे का परिवार यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला है और बच्चे को सर्जरी कराने के लिए अस्पताल लेकर आया था। बताया जाता है कि, पहले इलाज का बकाया पैसा जमा ना कराने पर बच्चे के शव को परिजनों के देने से अस्पताल प्रंबधन ने इनकार कर दिया। लेकिन बाद में मामले को बढ़ता देख पहले से ही जमा राशि पर सहमति बनाकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया। जिसके बाद परिजन शव को लेकर यूपी के लिए रवाना हो गए। यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले बच्चे के पिता शुभम शर्मा ने बताया कि, वह पिछले काफी समय से परिवार के साथ नोएडा के सेक्टर 30 में रह रहे हैं। वह बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा है। 11 दिसंबर 2025 में उनकी पत्नी अंजली ने एक बच्चे को जन्म दिया था,जिसे जन्म के बाद से ही सांस लेने में समस्या थी।
इसी को लेकर वह बच्चे को फरीदाबाद के सेक्टर 16 स्थित एशिया मोरेंगो अस्पताल लेकर आए थे। परिजनों के मुताबिक, वो बच्चे को 23 मार्च को अस्पताल में लेकर आए थे। जहां पर 24 मार्च को बच्चे के हार्ट से जुड़ी सर्जरी की गई। परिजनों के मुताबिक, सर्जरी के बाद बच्चा पूरी तरह से ठीक दिख रहा था। लेकिन बाद में उसकी तबीयत बिगडऩा शुरू हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इलाज में लापरवाही की गई। जिससे की बच्चे के लंग्स में पानी चला गया और आज (रविवार) सुबह उसकी मौत हो गई। परिवार के मुतबाकि, अस्पताल द्वारा बच्चे के इलाज के लिए 10 दिन का पैकेज 8 लाख रूपए में दिया गया था। जिसमें से 4 लाख रुपए उन्होंने जमा कराए थे।
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लेकिन जब बच्चे की मौत हो गई। तो बच्चे के शव को देने के लिए बाकि पैसे की डिमांड की गई। इतना ही नहीं जब उन्होंने अपने जमा किए हुए पैसे वापस मांगे तो अस्पताल प्रशासन की तरफ से पुलिस को बुला लिया गया। बच्चे के पिता शुभम शर्मा ने बताया कि बच्चे की सर्जरी के लिए उन्होंने अपनी एक छोटे से प्लाट को 5 लाख रुपए में गिरवी रख दिया। जिसके बाद वो बच्चे की सर्जरी करा पाए। लेकिन इलाज में लापरवाही के चलते बच्चे की जान चली गई। शुभम शर्मा ने बताया कि, अस्पताल प्रशासन की तरफ से पुलिस को मौके पर बुला लिया गया।
जिसके बाद काफी देर तक परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच में बातचीत चलती रही। परिजनों ने बच्चे के शव को लेने के लिए किसी प्रकार का पैसा जमा कराने से मना कर दिया। जिसके बाद पहले जमा किए गए 4 लाख पर ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा बच्चे के शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। शुभम शर्मा ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों द्वारा उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। जिसे लेकर उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पास ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि इस मामले की कोई शिकायत स्थानीय पुलिस से नहीं की गई है। जब इस मामले को लेकर अस्पताल के प्रवक्ता मोहन कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी उनको इस मामले के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। अगर किसी बच्चे की मौत हुई है तो वह बेहद दुख की बात है। वह पूरे मामले के बारे में पता कर आगे की जानकारी देंगे।
