विपक्ष ने 70 करोड महिलाओं के सपनों का गला घोंटा, इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा: मेयर प्रवीण बत्रा जोशी
राजनीतिक स्वार्थ के लिए विपक्ष ने किया 70 करोड़ महिलाओं के हक का कत्ल: मेयर प्रवीण बत्रा जोशी
पलवल। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) के मुद्दे पर आज पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पलवल में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस वार्ता को संबोधित करते हुए फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा जोशी ने विपक्षी दलों विशेषकर कांग्रेस और I.N.D.I.A. गठबंधन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा सकता था, लेकिन विपक्ष की साजिश के कारण वह काला दिन बन गया।
प्रेस वार्ता की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने की। इस अवसर पर जिला महामंत्री जयराम प्रजापत, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष आशा भारद्वाज और जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र नंबरदार, रश्मि सहरावत से उपस्थित रहे।
मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बार-बार विपक्षी सांसदों से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने और नारी शक्ति को अवसर देने का आग्रह किया था लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ को देश हित से ऊपर रखा। उन्होंने कहा कांग्रेस, सपा, राजद और डीएमके जैसे दलों का इतिहास महिला विरोधी रहा है। 2010 में बिल फाड़ने वाली मानसिकता आज भी वैसी ही है। इन दलों ने संसद में विधेयक को गिराकर देश की 70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।
मेयर ने आरोप लगाया कि विपक्ष को डर है कि यदि सामान्य परिवारों की महिलाएं संसद और विधानसभाओं में पहुंचेंगी तो उनकी ‘परिवारवादी राजनीति’ का अंत हो जाएगा। उन्होंने प्रियंका वाड्रा के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि बिल का गिरना संविधान की जीत नहीं बल्कि देश की नारी शक्ति का अपमान है।
प्रेस वार्ता के दौरान विपक्षी तर्कों का खंडन करते हुए भाजपा नेताओं ने निम्नलिखित बिंदु रखते हुए कहा कि OBC कोटा मात्र बहाना है। विपक्ष द्वारा ओबीसी और दलित महिलाओं के नाम पर दिया गया तर्क केवल बिल को रोकने की एक सोची-समझी स्क्रिप्ट है। दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान होने का डर पूरी तरह राजनीतिक और निराधार है। गृह मंत्री अमित शाह जी ने स्पष्ट किया है कि सीटों की संख्या बढ़ाकर सभी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कांग्रेस ने 60 साल तक महिलाओं को केवल वोट बैंक माना जबकि भाजपा उन्हें निर्णय लेने की शक्ति देना चाहती है।
मेयर ने कहा ममता बनर्जी जैसी महिला नेता और उनकी पार्टी खुद को महिलाओं का हितैषी बताती हैं लेकिन संसद में उनका रुख इसके बिल्कुल विपरीत रहा। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के इस ऐतिहासिक अवसर को रोकने में मुख्य भूमिका निभाई। यह सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं था बल्कि विपक्ष की एक नैतिक विफलता भी थी। जिस तरह से इस अवसर को गंवाया गया, वह आने वाले समय में लोकतंत्र के लिए एक नकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जाएगा।
उन्होंने बताया गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने संसद में सही कहा था कि इतिहास हमेशा उन लोगों को याद रखता है जो राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं और उन्हें भी जो प्रगति के रास्ते में बाधा बनते हैं। विपक्ष ने कल यह तय कर लिया कि उन्हें किस श्रेणी में याद किया जाएगा। अंततः यह स्पष्ट हो गया है कि एक तरफ वह विचारधारा है जो महिलाओं को निर्णय लेने की शक्ति देना चाहती है और दूसरी तरफ वह संकुचित राजनीति है जो उन्हें केवल घर की चारदीवारी और वोट बैंक तक सीमित रखना चाहती है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह कदम स्पष्ट रूप से दिखाता है कि उनके लिए राजनीतिक स्वार्थ और गठबंधन की मजबूरियां, देश और समाज के हित से ऊपर हैं। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को अपनी कुर्सी बचाने वाली राजनीति की बलि चढ़ा दिया है। दक्षिण भारत के नाम पर राहुल गांधी जैसे नेताओं द्वारा फैलाया गया नैरेटिव पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। यह केवल देश को बांटने और असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की एक नाकाम कोशिश है, जबकि केंद्र सरकार हर क्षेत्र के समान प्रतिनिधित्व के लिए प्रतिबद्ध है।
मेयर ने कहा लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च होती है। आज जो दल महिलाओं के रास्ते में कांटे बिछा रहे हैं, उन्हें गांव-गांव और शहर-शहर में नारी शक्ति के कड़े सवालों का सामना करना पड़ेगा। अब महिलाएं केवल दर्शक नहीं, बल्कि निर्णायक की भूमिका में हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगियों का इतिहास महिलाओं के साथ छल और देरी का रहा है। शाह बानो केस से लेकर आज तक, उन्होंने हमेशा प्रगतिशील कानूनों का विरोध किया है। लेकिन यह नया भारत है, जहाँ महिलाएं अपने हक की लड़ाई लड़ना भी जानती हैं और विश्वासघात करने वालों को पहचानना भी।
अंत में जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने सभी पत्रकार बंधुओं का धन्यवाद किया और कहा कि देश की नारी शक्ति इस अपमान को भूलेगी नहीं। 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में महिलाएं इस “विश्वासघात” का करारा जवाब देंगी। भाजपा इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाएगी और विपक्ष के दोहरे चरित्र को बेनकाब करेगी।
साथ में मुख्य रूप से भाजपा महिला कार्यकर्ता भावना महलावत जिला महामंत्री, किरण शर्मा जिला महामंत्री, योगेश चौधरी पूर्व लोकसभा प्रभारी गुरुग्राम महिला मोर्चा, क्रांति शर्मा जिला उपाध्यक्ष, सविता डागर जिला उपाध्यक्ष उपस्थित रहीं।
