वल्र्ड मलेरिया डे, सावधानी और समय पर इलाज से बीमारी पर काबू संभव : डॉ. सुंदरी श्रीकांत
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल की वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.सुंदरी श्रीकांत ने वल्र्ड मलेरिया डे के अवसर पर लोगों से इस बीमारी के प्रति सतर्क रहने और समय पर उपचार कराने की अपील की है। मलेरिया एक संक्रामक रोग है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। हर साल गर्मी और बारिश के मौसम में इसके मामले बढ़ जाते हैं, ऐसे में जागरूकता बेहद जरूरी है। डॉ. सुंदरी ने बताया कि मलेरिया के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द, उल्टी और शरीर में कमजोरी शामिल हैं। अस्पताल में एक माह पहले 900 मरीज तक इलाज कराने आते थे जो मौसम में बदलाव के कारण अब मरीज 1200 तक इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं इसमें खासी,जुकाम, बुखार और मलेरिया के मरीज सबसे ज्यादा है कई बार मरीज इन लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए।
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उन्होंने यह भी बताया कि कोविड काल के बाद लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ा है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। घर और आसपास साफ-सफाई रखना, पानी जमा न होने देना, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करना बेहद जरूरी है, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावना कम हो सके। मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरी बाजू के कपड़े पहनने की सलाह दी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अधिक जरूरी है। उन्होंने कहा कि मलेरिया का इलाज संभव है, लेकिन देरी होने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। जागरूकता, साफ-सफाई और समय पर इलाज ही मलेरिया से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
