फरीदाबाद : इस्कॉन मंदिर फरीदाबाद में भगवान नृसिंहदेव के पावन प्राकट्य दिवस नरसिंह चतुर्दशी को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
भगवान नृसिंहदेव, विष्णु के उग्र अर्ध-मनुष्य अर्ध-सिंह अवतार, अपने प्रिय भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने और दैत्य हिरण्यकशिपु का वध करने के लिए प्रकट हुए थे। भक्तों के परम रक्षक कहे जाने वाले भगवान नृसिंह एक खंभे से प्रकट होकर अपने भक्त के विश्वास की रक्षा करते हैं और अन्याय का नाश करते हैं। वे परम शक्ति, अपार करुणा और दिव्य सुरक्षा के प्रतीक हैं।
भगवान नृसिंह असुरों के लिए भयावह हैं, पर अपने भक्तों के लिए अत्यंत प्रेममय हैं। वे सदा भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं और भक्ति मार्ग की सभी बाधाओं को दूर करने वाले हैं।
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इस्कॉन फरीदाबाद में उत्सव का आरंभ प्रातः 4:30 बजे मंगल-आरती से हुआ। दिनभर मंदिर में कीर्तन और भगवान नृसिंह की लीलाओं पर कथा का आयोजन हुआ। विश्व शांति के लिए विशेष यज्ञ भी किया गया। संध्या के समय श्री नृसिंहदेव का दूध, दही, फलों के रस और सुगंधित द्रव्यों से महा-अभिषेक हुआ। इसके बाद सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर को फूलों और दीपों से सजाया गया था।
मंदिर अध्यक्ष गोपेश्वर दास ने कहा, “भगवान नृसिंहदेव हमें सिखाते हैं कि सच्ची भक्ति में अटूट विश्वास हो तो भगवान स्वयं हमारी रक्षा करने आते हैं। आज के समय में जब चारों ओर अशांति है, भगवान नृसिंह का स्मरण हमें निर्भयता और आंतरिक शक्ति देता है। हम प्रार्थना करते हैं कि वे हमारे जीवन से भक्ति की सभी बाधाओं को दूर करें।”
सैकड़ों भक्तों ने उपवास रखकर और भगवान नृसिंह के मंत्रों का जाप कर इस पावन दिन को मनाया। शाम को अभिषेक के बाद भक्तों ने भगवान के उग्र किंतु वात्सल्य रूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना।
