निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मी एवं अभियंता 9 जुलाई को करेंगे हड़ताल : सुभाष लांबा

उत्तरी भारत के राज्यों के बिजली कर्मचारी और अभियंता हुए लामबंद

फरीदाबाद। बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं की सर्वोच्च बॉडी नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर (एनसीसीओईईई) के बेनर तले मंगलवार को भकना भवन, चंडीगढ़ में उत्तरी जोन के राज्यों के बिजली कर्मचारियों की कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन में एनसीसीओईईई के संयोजक एवं ईईएफआई के जरनल सेकेट्री सुदीप दत्ता, इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लाम्बा, एचपीएसईबी (हिमाचल) के प्रधान कामेश्वर शर्मा, टीएसयू पंजाब के महासचिव कुलविंदर सिंह ढिल्लों, एमएसयू पंजाब के जरनल सेकेट्री सरदार हरपाल सिंह,पीएसईबी (एटक) के महासचिव सुरेन्द्र पाल सिंह लोहारिया, यूटी पावरमैन यूनियन चंडीगढ़ के प्रधान अमरीक सिंह व जरनल सेकेट्री गोपाल दत्त जोशी व ईईएफआई की जरनल कौंसिल सदस्य पूनम कुंडू आदि शामिल हुए और संबोधित किया।

एएचपीसी वर्कर यूनियन के चेयरमैन देवेन्द्र सिंह हुड्डा व राज्य प्रधान सुरेश राठी ने कहा कि 9 जुलाई को हरियाणा में सभी संगठन एकजुटता के साथ बिजली कर्मचारी सफल हड़ताल करेंगे। जिसकी तैयारियां चल रही है। कन्वेंशन में एक स्वर में बिजली निजीकरण और बिजली कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की घोर निन्दा की और 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल करने का ऐलान किया गया।

हड़ताल की सफलता के लिए देशभर में कंज्यूमर व कर्मचारियों की संयुक्त सभाएं करने का ऐलान किया गया। कन्वेंशन में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, चंडीगढ़, राजस्थान से सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और कमेटी के संयोजक सुदीप दत्ता द्वारा हड़ताल के पेश किए प्रस्ताव का तालियों की गडग़ड़ाहट से अनुमोदन किया। कन्वेंशन में उप्र सरकार द्वारा पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉम के निजीकरण के फैसले की घोर निन्दा की और उप्र बिजली कर्मचारियों के चल रहे आंदोलन के समर्थन में 2 जुलाई को देश भर में एकजुटता प्रदर्शन करने का फैसला किया। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर के संयोजक एवं ईईएफआई के जरनल सेकेट्री ने कन्वेंशन में हड़ताल का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की जल्दबाजी में है। इसलिए मंत्रियों का समूह बनाया गया है। मानसून सत्र में संसद में बिल पेश करने की तैयारी है।

जिसके खिलाफ 27 लाख बिजली कर्मी और अभियंता 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल करेंगे। ईईएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि बिजली सरकार के लिए सेवा है और निजी कंपनी के लिए व्यापार है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के बाद बिजली गरीब व किसानों की पहुंच से बाहर हो जाएंगी। कन्वेंशन में एएचपीसी वर्कर यूनियन के वरिष्ठ नेता शब्बीर अहमद गनी, डिप्टी जरनल सेकेट्री राजेन्द्र राणा, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव,उप प्रधान जितेन्द्र तेवतिया, संजीव ढांडा, राजेश कुमार, सुदाम पाल,भूप सिंह, जगमिंदर पूनिया, बंशीलाल, जितेन्द्र सैनी, सचिव सामून खान, सुशील शर्मा,रेणु,अमरीश त्यागी, मनीष मलिक, अभिषेक शर्मा , संजय सैनी, अशोक कुमार आदि मौजूद थे।

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