जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार हेतु फरीदाबाद में ट्रांसजेंडर समाज के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में प्रशंसनीय पहल
फरीदाबाद। जिले में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा बुधवार को एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम फरीदाबाद के ट्रांसजेंडर समाज के सदस्यों के साथ आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासन ने ट्रांसजेंडर समुदाय से लिंगानुपात सुधार की दिशा में सहयोग की अपील की।बैठक के दौरान अधिकारियों ने कहा कि ट्रांसजेंडर समाज का पारंपरिक रूप से नवजात शिशु जन्म के बाद परिवारों से संपर्क होता है, इसलिए वे समाज में लिंगानुपात के वास्तविक हालात को भली-भांति समझते हैं।
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ऐसे में यदि किसी परिवार में बार-बार केवल पुत्र जन्म हो रहा है या कन्या भ्रूण हत्या की आशंका है, तो ट्रांसजेंडर समाज ऐसे मामलों की जानकारी प्रशासन को गोपनीय रूप से दे सकता है ताकि समय रहते उचित कार्यवाही की जा सके। प्रशासन ने ट्रांसजेंडर समाज से आग्रह किया कि वे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसके अंतर्गत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान का संदेश आमजन तक पहुँचाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का मूल उद्देश्य बालिका जन्म दर को सुधारना और समाज में बेटियों को बराबरी का दर्जा दिलाना है।
ट्रांसजेंडर समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि वे इस सामाजिक अभियान में पूरी तत्परता से भाग लेंगे और बेटियों के संरक्षण हेतु लोगों को जागरूक करने में हरसंभव सहयोग देंगे। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों, पोस्टर प्रदर्शनी, रैली एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों को सहभागिता हेतु प्रेरित किया जाएगा। यह पहल जिला प्रशासन की सामाजिक समावेशन की नीति को दर्शाती है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास यात्रा का सहभागी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।