शिक्षा निदेशालय पंचकूला ने माना कि…प्राइवेट स्कूलों ने फार्म-6 में अंडर हेड फीस छिपाई

मंच का आरोप : सरकार पूरी तरह से प्राइवेट स्कूल संचालकों के आगे नतमस्तक

फरीदाबाद। हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों ने फार्म-6 में चालाकी करते हुए ‘अंडर हेड फीस’ वाले कॉलम में जानबूझकर जीरो भर दिया है, ताकि यह दिखाया जा सके कि वे इस तरह की कोई फीस लेते ही नहीं हैं। य़ह चालाकी उनके द्वारा जमा कराए गए फॉर्म 6 के ब्यौरे की शिक्षा निदेशक पंचकूला द्वारा जांच करने में पकड़ में आई है। अब शिक्षा विभाग ने पत्र भेजकर ऐसे 10000 से ज्यादा स्कूलों को अपनी गलती सुधारने का एक मौका दिया है उनसे 31 जुलाई तक अपनी अंडर हेड फीस की सही जानकारी देने को कहा है।

हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि शिक्षा नियमावली के नियम के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों को एक फरवरी तक फार्म 6 को उसके सभी कॉलमों में मांगी गयी जानकारी को सही भरकर शिक्षा निदेशक के पास जमा कराना अनिवार्य किया गया है लेकिन शिक्षा निदेशक ने इस नियम का उल्लंघन करते हुए स्कूल संचालकों को 31जून तक फार्म 6 जमा करने के आदेश जारी किए। अब फॉर्म 6 की जांच पड़ताल करने पर फार्म-6 में अंडर हेड फीस छिपाने की चालाकी पकड़ में आ जाने के बाद दोषी स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की जगह उनको 31 जुलाई तक अपनी अंडर हेड फीस की सही जानकारी देने को कहा है।

यह दर्शाता है कि शिक्षा विभाग पूरी तरह से स्कूल संचालकों के आगे पूरी तरह से नतमस्तक है। मंच के प्रदेश संरक्षक सुभाष लांबा व लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने  कहा है कि नियमानुसार प्रत्येक मान्यता प्राप्त स्कूल को अपने नोटिस बोर्ड या वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से फार्म-6 की जानकारी प्रदर्शित करनी चाहिए लेकिन वे करते नहीं हैं।  मंच का आरोप है कि स्कूल संचालक फॉर्म 6 में और भी बहुत सी जानकारी छिपाते हैं

जैसे कि स्टाफ को कम वेतन देना जब कि फॉर्म 6 में अधिक वेतन दिखाना इसके अलावा छात्रों से ट्यूशन फीस के अलावा अन्य दर्जनों फंडों में फीस वसूलना लेकिन उनको फॉर्म 6 में नहीं दिखाना। स्कूल उपलब्ध रिजर्व फंड व सरप्लस फंड की जानकारी भी नहीं देते हैं। आमदनी व खर्चा बराबर दिखाने के लिए ऑडिट बैलेंस शीट में गैर कानूनी मदों में फालतू खर्चा दिखा देते हैं। कैलाश शर्मा ने कहा है कि पिछले 5-6 सालों से स्कूल संचालकों और शिक्षा विभाग की आपसी सांठ-गांठ से यह  खेला हो रहा है।

मंच ने कई बार  सबूत के साथ इस सांठ-गांठ की जानकारी मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को देकर दोषी स्कूल संचालकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है लेकिन स्कूल संचालकों की सशक्त लॉबी के दबाब में आजतक दोषियों के खिलाफ कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई है। मंच ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से पुन: मांग की है कि फार्म 6 एक फऱवरी तक जमा ना कराने वाले और फार्म 6 में गलत जानकारी देने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और शिक्षा निदेशक द्वारा स्कूल संचालकों के हित में किए जा रहे कार्यों की  उच्च स्तरीय जांच की जाए।

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