ऑनलाइन गेमिंग विधेयक को संसद से पारित होने पर वकीलों ने की सराहना

फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लॉयर्स चेंबर में वकीलों ने हाल ही में संसद द्वारा पारित ऑनलाइन गेमिंग विधेयक का स्वागत किया और इसे युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। वरिष्ठ अधिवक्ता शिवदत्त वशिष्ठ ने कहा कि विपक्ष इस विधेयक का विरोध सिर्फ राजनीतिक मकसदों से कर रहा है, जबकि असल चिंता देश के युवाओं और समाज की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश में लगभग 45 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग की लत के शिकार हैं,जिससे खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि देश में अब तक ऑनलाइन गेमिंग के चलते करीब 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। कई युवा मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम भी उठा चुके हैं। उन्होंने एक मामले का हवाला देते हुए बताया कि एक युवक ने अपनी मां के कैंसर के इलाज के लिए रखे पैसे ऑनलाइन गेमिंग में गंवा दिए, जिससे वह मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया।

उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन गेमिंग में निवेश की गई राशि का उपयोग आतंकी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग में होने की भी आशंका जताई जा चुकी है, इसलिए इस पर सख्त कानून की लंबे समय से जरूरत थी। वकीलों का मानना है कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा और इसके बाद देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर नियंत्रण लगेगा। इससे युवा पीढ़ी की बिगड़ती आदतों पर अंकुश लगेगा और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कानून का स्वागत किया। उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में सतीश चौहान, प्रदीप शांडिल्य, महेन्द्र चौधरी, शरद शर्मा, भारत पुजारी, भीम सैन पुजारी, भूपेन्द्र दत्ता, विजय यादव, प्रदीप सिद्धू, कुलदीप जोशी, कमल दलाल, आफाक खान, हरदीप बेसोया, सागर नागर, धीरज, इंजीनियर अनूप वशिष्ठ, दिव्या यादव, भारती व अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।

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