लंबे समय से एसिड रिफ्लक्स से जूझ रही 50 वर्षीय महिला का हुआ सफल इलाज

फरीदाबाद। यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने 50 वर्षीय महिला का सफलतापूर्वक इलाज किया, जो कई वर्षों से गंभीर एसिड रिफ्लक्स की समस्या से जूझ रही थी। यह उपलब्धि इसलिए विशेष है क्योंकि यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, फरीदाबाद में पहली बार पर ओरल एंडोस्कोपिक फुल थिकनेस प्लिकेशन सफलतापूर्वक किया गया। उत्तर भारत में इस अत्याधुनिक प्रक्रिया के अब तक बहुत ही चुनिंदा मामले ही सामने आए हैं। मरीज कई वर्षों से गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिज़ीज़, जिसे आम भाषा में एसिड रिफ्लक्स कहते हैं, से परेशान थीं।

कई बार परामर्श और लंबे समय तक दवाइयों के इस्तेमाल के बावजूद लक्षण बने रहे, जिससे उनकी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। वह यथार्थ हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी ओपीडी में रिफ्लक्स, भोजन वापस आने और असहजता की शिकायत लेकर पहुंची। यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. ध्रुव कांत मिश्रा ने बताया कि मरीज की एंडोस्कोपी में लोअर इसोफेजियल स्फिंक्टर के ढीलेपन और हायटस हर्निया की पुष्टि हुई, जिससे एसिड और भोजन वापस भोजन नली में आ रहा था।

पारंपरिक इलाज सर्जरी है, लेकिन मरीज इनवेसिव ऑपरेशन नहीं चाहती थीं। इसलिए हमने त्रश्वक्रष्ठ-ङ्ग प्रक्रिया का विकल्प दिया, जो एक न्यूनतम इनवेसिव और बिना चीरे वाली एंडोस्कोपिक तकनीक है, जो वॉल्व को मजबूत कर रिफ्लक्स को नियंत्रित करती है। यह प्रक्रिया मरीज ने एनेस्थीसिया में बिना दर्द झेले पूरी की, 24 घंटे के भीतर स्वस्थ होकर छुट्टी पा गईं और कई सालों बाद रिफ्लक्स से मुक्त जीवन का अनुभव कर रही हैं। हॉस्पिटल ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की सफलतापूर्ण कार्यान्विति में सहयोग देने के लिए एनेस्थीसिया, ओटी और प्रशासनिक टीम का विशेष आभार भी व्यक्त किया।

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