खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रनिर्माण की भावना का प्रतीक : ऋषिपाल चौहान

फरीदाबाद । सैक्टर 21बी स्थित जीवा पब्लिक स्कूल में वार्षिक खेल महोत्सव का समापन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना एवं खेल भावना के प्रति सजग करना है, इसलिए कार्यक्रम में विशेष रूप से यह ध्यान दिया गया कि विद्यालय का प्रत्येक छात्र इस महोत्सव में किसी भी रूप में अवश्य भाग ले। इस दौरान विद्यालय के छात्रों ने एक रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
यह प्रतियोगिता विद्यालय के चारों सदनों में अंर्तसदन के रूप में आयोजित की गई। चारों सदनों के छात्रों एवं अध्यापकों ने प्रत्येक पक्ष को ध्यान में रखा खेलकूद, अनुशासन एवं सामाजिक विषयों को अपने-अपने लक्ष्यों में शामिल किया। इस प्रतियोगिता में मुख्य रूप से दक्षता, निपुणता एवं बौद्धिक क्षमता को ध्यान में रखा गया।

इसके अलावा विद्यालय के प्रमुख सिद्धांत बुद्धि, स्वभाव स्वाध्याय एवं एस०ओ०ई को भी विशेष रूप से शामिल किया गया। प्रत्येक सदन ने अपने-अपने स्तर पर सामाजिक संदेश भी दिए और ये सामाजिक संदेश भी बहुत महत्वपूर्ण रहे।
इस प्रतियोगिता में मीरा बाई सदन अपने सर्वोतम अंकों व सभी मापदंड के अनुसार प्रथम स्थान पर रहा, द्वितीय स्थान पर अशोका सदन रहा दोनों सदनों के कैप्टन एवं वाइस कैप्टन की विशेष रूप से सराहना की गई।
उपाध्यक्षा चंद्रलता चौहान ने विद्यालय के फीजिकल एजुकेशन के सभी कोचों के कार्य की सराहना की इसके अलावा उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन की भी सरहाना की व और अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच का जीवन-पाठ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवा लर्निंग सिस्टम का उद्देश्य भी छात्रों में इन्हीं मूल्यों को विकसित करना है, जहाँ प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास, नैतिकता और स्वस्थ आदतों के साथ आगे बढ़ सके। श्री चौहान ने विद्यार्थियों को खेल भावना बनाए रखने, नियमों का पालन करने और हर चुनौती को सीखने के अवसर के रूप में स्वीकार करने की प्रेरणा दी।

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