छोटी उम्र में आवाज, रैप और धुन से दुनिया के सामने पहचान बना रहे हैं रियल तनिष्क
18 साल की उम्र में जब ज़्यादातर युवा अपनी पहचान की तलाश में होते हैं, उसी उम्र में रियल तनिष्क ने अपनी आवाज़ को ही अपनी पहचान बना ली है। यह कहानी सिर्फ़ एक उभरते हुए कलाकार की नहीं है, बल्कि उस जज़्बे की है जो हालातों से लड़कर संगीत बन जाता है।
एक साधारण शुरुआत, लेकिन असाधारण सपना
रियल तनिष्क का सफ़र किसी बड़े स्टूडियो या महंगे म्यूज़िक सिस्टम से शुरू नहीं हुआ है। उसकी दुनिया थी एक छोटा सा कमरा, मोबाइल और दिल में भरे अनकहे जज़्बात। जब शब्दों को किसी से कहना मुश्किल लगता, तब वही शब्द काग़ज़ पर उतर जाते और धीरे-धीरे रैप की शक्ल लेने लगते। उसके लिए संगीत सिर्फ़ शौक नहीं था, बल्कि अपने दर्द, सवालों और उम्मीदों को ज़िंदा रखने का ज़रिया था।
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रैप और गायन: दो शैलिया, एक आत्मा
रियल तनिष्क की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वो रैप और गायन दोनों शैलियों में समान सहजता से अपनी बात कहता है। जहां उसका रैप समाज की सच्चाइयों, संघर्ष और युवाओं के दबे हुए ग़ुस्से को आवाज़ देता है, वहीं उसका गायन दिल को छू लेने वाली सादगी के साथ उम्मीद और प्यार की बात करता है। उसके गीतों में दिखावा नहीं, बल्कि ज़िंदगी की कच्ची सच्चाई है जो सीधे दिल तक पहुंचती है।
रियल तनिष्क की खास बात यह है कि वह सिर्फ़ अपनी नहीं, बल्कि अपने जैसे हज़ारों युवाओं की कहानी कहता है।
उसके गीत उन बच्चों की आवाज़ हैं जो छोटे शहरों से आते हैं, जिनके पास साधन कम लेकिन सपने बड़े होते हैं।
वह साबित करता है कि अगर भावनाएं सच्ची हों, तो महंगे माइक की जरूरत नहीं सच खुद बोलता है। आज रियल तनिष्क सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि नए कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बनता जा रहा है।
वह यह सिखाता है कि उम्र कोई सीमा नहीं होती, और न ही शुरुआत छोटी होने से सपना छोटा हो जाता है।
उसका सफर कहता है- अगर आप खुद पर भरोसा रखते हैं, तो देर-सवेर दुनिया भी आपको सुनने लगती है।
18 साल का यह कलाकार अभी सफर की शुरुआत में है, लेकिन उसकी आवाज में जो सच्चाई है, वह दूर तक जाएगी।
