बिना नोटिस 15 घंटे चली कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण, मनोबल नहीं टूटेगा : विजय प्रताप

कांग्रेसी नेता बोले, ईडी को देना चाहिए था पहले नोटिस, फिर करनी चाहिए थी जांच

फरीदाबाद। कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे महेंद्र प्रताप और उनके बेटे, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विजय प्रताप के घर पर दो दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई जांच को लेकर शनिवार की देर शाम विजय प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर अपनी बात मीडिया के सामने रखी। विजय प्रताप ने बताया कि, ईडी की टीम ने उनके घर पर करीब 15 घंटे तक जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने पीयूष के साथ किए गए कोलेबोरेशन से जुड़े दस्तावेजों की ही जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कराई गई जांच नहीं है और श्वष्ठ केवल पीयूष से संबंधित कागजात ही अपने साथ लेकर गई है। इसके अलावा किसी अन्य प्रकार के दस्तावेजों की न तो मांग की गई और न ही कोई अन्य कागजात जब्त किए गए। हालांकि, विजय प्रताप ने इस कार्रवाई की निंदा भी की।

उन्होंने कहा कि ईडी को इस तरह अचानक जांच के लिए नहीं आना चाहिए था। पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था और उसके बाद जांच की जानी चाहिए थी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 15 घंटे से अधिक समय तक चली इस जांच से उनका मनोबल टूटने वाला नहीं है। विजय प्रताप ने यह भी बताया कि जांच के दौरान उन्होंने और उनके परिवार ने पूरा सहयोग किया। जो भी दस्तावेज मांगे गए, वे उपलब्ध कराए गए। उन्होंने यह भी कहा कि ईडी के अधिकारी सहयोगी रहे, उन्होंने किसी को परेशान नहीं किया और परिवार के सभी सदस्यों से सामान्य तरीके से बातचीत कर आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ईडी ने जो खुदा का प्रेस नोट में जारी किया है उसमें 5 करोड़ रुपए का जिक्र किया है, वो घर के कैश ज्वेलरी का जिक्र किया है।

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