पंच परिवर्तन बनेगा समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम : प्रो पवन सिंह
प्रमुख नागरिक गोष्ठी में संघ की 100 वर्ष की यात्रा एवं समाज परिवर्तन के विषयों पर संवाद
फरीदाबाद। महानगर पूर्व में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा एक प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य विषय सीए, टैक्स एवं फाइनेंस कंसल्टेंट्स, बैंकर एवं यंग प्रोफेशनल्स के लिए है। यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला में समाज के प्रमुख जनों से संघ की 100 वर्ष की यात्रा एवं समाज परिवर्तन के विषयों पर संवाद का एक महत्वपूर्ण आयोजन है। सेक्टर-16 ए स्थित ग्रांड कोलम्बस स्कूल में संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राकेश गुप्ता और विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला टैक्स बार फरीदाबाद के अध्यक्ष एस.के.भारद्वाज उपस्थित रहे। डॉ.गुप्ता ने अपने वक्तव्य में टैक्स और वित्त क्षेत्र में पेशेवरों के लिए नैतिकता और राष्ट्रीय दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया।
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विशिष्ट अतिथि के रूप में एस के भारद्वाज ने कहा कि संघ को ऐसे विषयों पर कार्यक्रमों का आयोजन करते रहना चाहिए। मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा प्रांत प्राध्यापक प्रमुख एवं शिक्षाविद प्रोफेसर पवन सिंह ने अपने उद्बोधन में समाज के सामूहिक पुरुषार्थ और राष्ट्रीय चेतना के विकास पर जोर देते हुए कहा कि संघ विगत 100 वर्षों से राष्ट्र साधना एवं सेवाकार्य में रत है और यह यात्रा समाज के सहयोग तथा आशीर्वाद से अत्यन्त गौरवमयी तथा प्रेरणादायी बनी है। उन्होंने बताया कि हिंदू दर्शन की स्वीकार्यता देश-विदेश में सर्वत्र तेजी से बढ़ रही है।
शिक्षाविद प्रो.पवन सिंह ने अपने संबोधन में समाज में जागरूकता लाने के तरीकों का उल्लेख करते हुए स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुम्ब प्रबोधन के अंतर्गत संघ का उद्देश्य परिवारों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के प्रति सजग करना है। उन्होंने बताया कि संघ के पंच परिवर्तन ही समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनेगा। कार्यक्रम स्थल पर संघ 100 वर्षों के सेवा कार्यों की चित्र प्रदर्शनी के साथ साथ राष्ट्रीय विचारों के साहित्य और गौ सेवा का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सह विभाग संघचालक जयकिशन और फरीदाबाद पूर्व महानगर संघचालक उमेश कुमार के सानिध्य में आयोजित गोष्ठी में अरुण वालिया, मुकेश अग्रवाल, विवेक गर्ग और राजीव कुमार की सराहनीय भूमिका रही। मंच संचालन मनोज रूंगटा ने किया। सामूहिक जलपान के साथ गोष्ठी संपन्न हुई।
