लाला लाजपत राय जयंती पर अग्रवाल महाविद्यालय में विद्यार्थियों को दिखाई गयी डाक्यूमेंट्री
बल्लभगढ़ । अग्रवाल कॉलेज बल्लबगढ़ के इतिहास विभाग द्वारा “दि लॉयन ऑफ पंजाब-लाला लाजपत राय” विषय पर डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। अग्रवाल विद्या प्रचारिणी सभा के प्रधान एवं अग्रवाल महाविद्यालय गवर्निंग बाडी के अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, महासचिव एडवोकेट दिनेश कुमार गुप्ता एवं महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ० संजीव गुप्ता के संरक्षण में महाविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी श्रृंखला में लाला लाजपत राय जयंती पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० संजीव कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि लाला लाजपत राय जयंती हर साल 28 जनवरी को मनाई जाती है,
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जो भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, लेखक और समाज सुधारक ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय के जन्मदिवस का प्रतीक है। कार्यक्रम की संयोजिका व इतिहास विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ० सुप्रिया ढांडा ने विद्यार्थियों को पहले लाला लाजपत राय का जीवन परिचय दिया और बताया कि साइमन कमीशन का विरोध करते हुए जब ये चोटिल हुए तो इन्होंने कहा था कि “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी।” और वही हुआ भी; लालाजी के बलिदान के 20 साल के भीतर ही ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य अस्त हो गया। इतिहास विभाग अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह ने कहा कि लाला लाजपत राय ने ब्रिटिश-विरोधी राष्ट्रवादी आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वे ‘लाल-बाल-पाल’ तिकड़ी का हिस्सा थे, उनका निधन 17 नवंबर 1928 को साइमन कमीशन विरोधी प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज से हुई चोट के कारण हुआ था। डाक्यूमेंट्री के अंत में विद्यार्थियों ने अपनी कविताओं और भाषण प्रस्तुति से लाला लाजपत राय के स्वतंत्रता संग्राम में संघर्ष एवं बलिदान को नमन किया।
