ट्रांसफर पॉलिसी व ठेका कर्मियों को पक्का करने की मांग को लेकर बिजली कर्मियों ने की भूख हड़ताल

12 फरवरी को हड़ताल में बिजली कर्मचारी होंगे बढ़-चढक़र शामिल

फरीदाबाद। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत बृहस्पतिवार को बिजली कर्मचारियों ने ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी के खिलाफ और माननीय हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार ठेका कर्मचारियों को पक्का करने आदि मांगों को लेकर डीवीवीएनएल और हरियाणा विधुत प्रसारण निगम के सर्कल आफिस पर सांकेतिक भूख हड़ताल की और सरकार व निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। भूख हड़ताल की अध्यक्षता क्रमश: भूप सिंह व सर्कल सचिव राम चरण पुष्कर  ने की। भूख हड़ताल में यूनिट कमेटी के पदाधिकारी रामकेश, भूप सिंह,दिनेश शर्मा,दिगंबर सिंह,गिरिश, सुरेन्द्र शर्मा, अनुराग, अशरफ, श्याम सुंदर, सुरेन्द्र खटकड़, सुबोध कुमार, अशोक कुमार, रवि कुमार, प्रकाश आदि मौजूद थे।

इस अवसर पर सर्व सम्मति से पारित प्रस्ताव में 12 फरवरी की राष्ट्रीय आम हड़ताल में बढ़-चढक़र शामिल होने का फैसला लिया। भूख हड़ताल की समाप्ति पर बिजली मंत्री को संबोधित ज्ञापन अधीक्षण अभियंता अतुल अग्रवाल को सौंपा गया। बिजली कर्मचारी नेताओं ने भूख हड़ताल पर बैठे पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार माननीय हाईकोर्ट के दिसंबर, 2025 के फैसलों को लागू कर ठेका कर्मचारियों को पक्का करने की बजाय अपील में जाने की तैयारी कर रही है। जो घोर निंदनीय और शर्मनाक है। उन्होंने सरकार से ठेकेदारी करने की बजाय हाईकोर्ट के फैसले अनुसार ठेका कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिजली संशोधन बिल को बजट सत्र में पास कर बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने जा रहा है। न्यूक्लियर एनर्जी कानून (शांति) को आनन-फानन में संसद में पारित कर नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालकर कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी ने कहा कि अगर ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी को जबरन लागू किया तो एक्सीडेंट में भारी बढ़ोतरी होगी और सैकड़ों तकनीकी कर्मचारियों की जान जाने का खतरा बढ़ सकता है। क्योंकि एकदम से दूसरे फीडर्स पर काम करना आसान नहीं होता। उन्होंने सरकार व निगम प्रबंधन पर कर्मियों की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों को 12 फरवरी की राष्ट्रीय आम हड़ताल में बढ़-चढक़र शामिल होने का आह्वान किया।

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