एकॉर्ड अस्पताल में डेढ़ साल की बच्ची के फेफड़ों से निकाला मूंगफली का दाना
फरीदाबाद। डेढ़ साल की मासूम बच्ची की जिंदगी उस वक्त खतरे में पड़ गई, जब मूंगफली खाते समय उसके फेफड़ों में मूंगफली का दाना फंस गया और उसकी सांसें उखडऩे लगीं। परिजनों ने बिना देर किए बच्ची को एकॉर्ड अस्पताल पहुंचाया, जहां श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील नागर और उनकी टीम ने तत्परता दिखाते हुए आधुनिक तकनीक से सफल इलाज कर उसकी जान बचाई। अस्पताल चेयरमैन डॉ. जितेंद्र कुमार ने इसे आधुनिक चिकित्सा तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम वर्क का परिणाम करार दिया। सफल ऑपरेशन के लिए उन्होंने टीम को बधाई दी। ग्रेटर फरीदाबाद निवासी महिला अपनी बच्ची को सांस लेने में गंभीर परेशानी के चलते अस्पताल लेकर पहुंची। जांच में पता चला कि दाना सांस की नली में फंसा हुआ है, जिससे फेफड़ों तक हवा का प्रवाह बाधित हो रहा था। स्थिति अत्यंत गंभीर थी और जरा सी देरी जानलेवा साबित हो सकती थी।
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डॉ. सुनील नागर की टीम ने तुरंत ब्रोंकोस्कोपी प्रक्रिया अपनाकर मूंगफली के दाने को सुरक्षित बाहर निकाला। सफल इलाज के बाद बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हुआ और कुछ समय की निगरानी के बाद उसे स्वस्थ घोषित कर दिया गया। डॉ. सुनील नागर ने बताया कि छोटे बच्चों में इस तरह की घटनाएं बेहद खतरनाक होती हैं, क्योंकि उनकी सांस नली संकरी होती है। यदि समय पर इलाज न मिले तो ऑक्सीजन की कमी से जान भी जा सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को छोटे, कठोर या फिसलन वाले खाद्य पदार्थ देते समय विशेष सावधानी बरतें और अचानक सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें। बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आभार जताया।
