सूरजकुंड में आकर ‘हरियाणा अपणा घर’ नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा

- हरियाणवी प्राचीन संस्कृति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है ‘हरियाणा अपणा घर’

फरीदाबाद । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की खूबसूरत वादियों में बसा सूरजकुंड इन दिनों सुर्खियों में है। वजह है यहां लोकल फॉर ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित किया जा रहा 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला। सूरजकुंड मेला में बनाया गया ‘हरियाणा अपना घर’ पवेलियन हरियाणवी प्राचीन संस्कृति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है और सहज ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। साथ ही लोगों को स्वदेशी अपनाओ और वोकल फॉर लोकल का भी संदेश दे रहा है। सूरजकुंड मेला में आने वाले लोग ‘अपना घर’ को देखने के बाद यही कह रहे हैं कि सूरजकुंड में आकर ‘हरियाणा अपणा घर’ नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा।

सूरजकुंड, जो अब तक अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता था, अब शहरी भागदौड़ से दूर सुकून की तलाश करने वालों के लिए नई पहचान बन रहा है। इसी कड़ी में हरियाणवी संस्कृति थीम पर ‘हरियाणा अपणा घर’ हरियाणवी संस्कृति, पारंपरिक वास्तुकला और आत्मीय आतिथ्य सत्कार का अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है। लोग बताते हैं कि अपना घर में हर चीज में अपनापन महसूस होता है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ‘हरियाणा अपणा घर’ का उद्देश्य लोगों को हरियाणवी संस्कृति और परंपरा से जोडऩा है। यहां पर हरियाणा की शान मानी जाने वाली पगड़ी पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रही है और लोग बढ़चढक़र पगड़ी बंधवाकर अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विरासत की ओर से ‘हरियाणा अपणा घर’ को हरियाणवी लोक पारम्परिक स्वरूप में तैयार किया गया है। ‘हरियाणा अपणा घर’ के बाहर हरियाणवी पगड़ी का पंडाल पगड़ी बंधाओ, फोटो खिंचाओ पर्यटकों को अपनी ओर लुभा रहा है। ‘हरियाणा अपणा घर’ में पर्यटकों के लिए रोचक प्वाइंट सेल्फी के लिए लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। पर्यटकों के लिए सांझी विशेष रूप से आकर्षण का केन्द्र बन रही हैं। महिलाएं ‘हरियाणा अपणा घर’ में रखी हुई चक्की को चला-चलाकर अतीत की यादों को संजोकर सेल्फी के माध्यम से कैमरे में कैद कर रही हैं। इसके साथ अनाज कूटने के लिए रखा गया ओखल एवं मूसल भी शहरी महिलाओं के लिए सेल्फी प्वाइंट के रूप में खूब लोकप्रियता हासिल कर रहा है। इसके साथ ही विरासत-ए-हेरिटेज हरियाणा में प्रदर्शित किए गए हरियाणा का लोक पारंपरिक क्राफ्ट भी पर्यटकों के लिए सेल्फी प्वाइंट के रूप में लोकप्रिय हो रहा है। इस प्रकार ‘हरियाणा अपणा घर’ में बनाए गए हरियाणवी सेल्फी प्वाईंट्स पर्यटकों में खूब लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं।

सूरजकुंड मेले में छाया ‘हरियाणवी पगड़ी’ का जादू

सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में ‘हरियाणवी पगड़ी’ का जादू लोगों के सिर चढक़र बोल रहा है। सूरजकुंड की विरासत सांस्कृतिक प्रदर्शनी में ‘हरियाणवी पगड़ी’ पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरी है। ‘हरियाणा अपना घर’ परिसर में विरासत द्वारा चलाए जा रहे ‘पगड़ी बंधाओ- फोटो खिंचवाओ’ अभियान ने सभी आयु वर्ग के दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। यहां आने वाले पर्यटक पारंपरिक पगड़ी पहनकर फोटो और सेल्फी ले रहे हैं तथा हरियाणवी संस्कृति का अनूठा अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। मेले में हरियाणवी पगड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। हरियाणवी पगड़ी केवल सिर पर पहनने वाला वस्त्र नहीं, बल्कि सदियों से सम्मान, सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रही है। सूरजकुंड मेले में इसकी बढ़ती लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक दौर में भी लोग अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहना चाहते हैं।

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