छोटी चौपाल पर सांस्कृतिक रंगों से सजा सूरजकुंड मेला
39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सूरजकुंड (फरीदाबाद), 05 फरवरी। प्रदेश के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा हरियाणा पर्यटन निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 में छोटी चौपाल पर प्रतिदिन आयोजित हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले में आए देश-विदेश के पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुरुवार को दिनभर चले कार्यक्रमों में प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हो रहे हैं कार्यक्रम
उल्लेखनीय है कि यह सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक के. एम. पांडुरंग (आईएएस) तथा अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया के मार्गदर्शन में प्रतिदिन आयोजित किए जा रहे हैं। छोटी चौपाल को लोक कला, शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक प्रस्तुतियों का मंच तैयार किया गया है।
कलाकारों की लोकनृत्य, सूफी संगीत और हास्य प्रस्तुतियों ने लूटी खूब वाहवाही
गुरुवार को कार्यक्रमों की शुरुआत वन्दे मातरम पर आधारित भावपूर्ण संगीत एवं नृत्य प्रस्तुति से हुई, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इसके उपरांत अमित व साथी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कच्ची घोड़ी नृत्य ने दर्शकों का विशेष आकर्षण बटोरा। जिया लाल डेरु पार्टी की प्रस्तुति ने पारंपरिक रंग बिखेरे, वहीं ग़ज़ल गायक रणबीर कुमार की मधुर आवाज़ ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। हास्य कलाकार राजीव शर्मा की प्रस्तुति पर दर्शक ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए।
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हरियाणवी लोकसंस्कृति और शास्त्रीय नृत्य का शानदार संगम
सुशील कुमार एवं उनकी पार्टी ने हरियाणवी संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य प्रस्तुत कर प्रदेश की समृद्ध परंपराओं को मंच पर जीवंत किया। वहीं नयनिका घोष द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य ने शास्त्रीय कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिलावर पार्टी द्वारा प्रस्तुत हिंदी सूफी बैंड ने आध्यात्मिक संगीत से माहौल को संगीतमय बना दिया।
नाटक, गिटार और जादू ने बढ़ाया कार्यक्रमों का आकर्षण
रणजीत रॉय चंडीगढ़ आर्ट थिएटर पार्टी द्वारा मंचित नाटक “गिरगिट” ने सामाजिक संदेश के साथ दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अतिरिक्त अंश अग्रवाल द्वारा गिटार वादन की प्रस्तुति तथा जादूगर अशोक सम्राट द्वारा प्रस्तुत जादूई कला ने बच्चों और बड़ों सभी को रोमांचित किया।
6 फरवरी को भी होंगी कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी डॉ. दीपिका रानी ने बताया कि शुक्रवार 6 फरवरी को छोटी चौपाल पर भी विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कलाकार वेद सिंह द्वारा रागिनी, पुष्पा शर्मा द्वारा शास्त्रीय कथक नृत्य, समीन्द्र सम्मी द्वारा फांक बैंड, राम सिंह यादव एंड पार्टी द्वारा लोकनृत्य प्रस्तुतियां शामिल हैं। इसके बाद विकास चोपड़ा मस्करे रंगमंच द्वारा नाटक की शानदार प्रस्तुति दी जाएगी।
15 फरवरी तक जारी रहेंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के अंतर्गत 15 फरवरी तक छोटी एवं बड़ी चौपाल पर प्रतिदिन विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, जिससे सूरजकुंड मेला भारतीय लोकसंस्कृति, कला और परंपरा का जीवंत संगम बना हुआ है।
