प्रतिदिन देशी विदेशी संस्कृतियों के मेलजोल के साक्षी बन रहे पर्यटक
मेले की मुख्य चौपाल पर देखी जा रही देश-विदेश की संस्कृति की झलक
सूरजकुंड(फरीदाबाद)। इन दिनों चल रहे 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में दर्शकों को विभिन्न देशी विदेशी कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले में मुख्य चौपाल पर दिनभर देश-विदेश के प्रसिद्ध लोक कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। मेले में प्रतिदिन पहुंच वाले दर्शक न केवल हस्तशिल्प व अन्य सामान की खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि चौपाल पर आयोजित विभिन्न संस्कृतियों के मेलजोल के भी साक्षी बन रहे हैं।
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गुरुवार को मुख्य चौपाल पर उत्तर प्रदेश के कलाकारों द्वारा वृंदावन की शानदार होली नृत्य देख दर्शक झूम उठे। इसके अलावा मुख्य चौपाल पर मोजाम्बिक का पारंपरिक नृत्य शिंजो मैना व शिगुबो, बुर्किना फासो का मिक्स एफरो डांस, इजिप्ट के कलाकारों द्वारा यहामाम व मेलाया लोक गीत पर प्रस्तुति दी गई। कजाकिस्तान के कलाकारों द्वारा शत्तिक नृत्य समूह द्वारा लोक नृत्य, गुरूग्राम के आरपीएस स्कूल द्वारा भंगड़ा, हरियाणवी व राजस्थानी गीतों पर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई।
इसके साथ ही अंकित शर्मा एंड पार्टी द्वारा शिव स्तुति, इथोपिया के कलाकारों द्वारा फ्यूजन लाइव प्रफोरमेंस, जॉर्डेनियन के कलाकारों द्वारा दबके लोक नृत्य, सेनेगल के कलाकारों द्वारा आध्यात्मिक सेरेर नृत्य, इराक देश के कलाकारों द्वारा दुहोक पारंपरिक नृत्य सहित जाम्बिया, साउथ सूडान, जिम्बाब्वे द्वारा लोक गीतों की प्रस्तुति दी गई।
