फरीदाबाद में पहली बार, बिना ओपन ब्रेन सर्जरी कान के रास्ते निकाला ब्रेन ट्यूमर

फरीदाबाद: एक बड़ी मेडिकल उपलब्धि में, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कान के रास्ते ब्रेन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया, वह भी बिना खोपड़ी खोले। बताया जा रहा है कि फरीदाबाद में यह अपनी तरह की पहली सर्जरी है, जो मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में एक अहम प्रगति को दर्शाती है।

56 वर्षीय मरीज पिछले कई महीनों से लगातार चक्कर आने, सुनने की क्षमता कम होने और दाहिने कान में लगातार आवाज़ (रिंगिंग) की समस्या से परेशान थे। क्लिनिकल जांच और ब्रेन का MRI करने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें एकॉस्टिक न्यूरोमा होने का पता लगाया। यह एक नॉन-कैंसरस और धीरे-धीरे बढ़ने वाला ट्यूमर होता है, जो सुनने और बैलेंस से जुड़ी नर्व से विकसित होता है। यह नर्व इनर ईयर से ब्रेन तक जाती है।

हालांकि यह ट्यूमर कैंसर नहीं होता, लेकिन अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह सुनने की क्षमता और ज्यादा कम कर सकता है, बैलेंस बिगाड़ सकता है और ब्रेन पर प्रेशर डाल सकता है। आमतौर पर ऐसे ट्यूमर को निकालने के लिए ओपन ब्रेन सर्जरी यानी क्रैनियोटॉमी की जाती है।
लेकिन इस मामले में सर्जिकल टीम ने एक एडवांस टेक्नीक अपनाते हुए कान के रास्ते ही ट्यूमर को निकाल दिया और ओपन ब्रेन सर्जरी से पूरी तरह बचा लिया। यह जटिल सर्जरी डॉ. आनंद गुप्ता और डॉ. राजीव कुमार द्वारा सफलतापूर्वक की गई, जो ENT, हेड एंड नेक सर्जरी, कॉक्लियर इम्प्लांटेशन और रोबोटिक सर्जरी के विशेषज्ञ हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, इस मिनिमली इनवेसिव तकनीक के कई फायदे हैं, जैसे सर्जरी में कम ट्रॉमा, हॉस्पिटल में कम समय तक भर्ती रहना, तेजी से रिकवरी और कॉम्प्लिकेशन्स का कम रिस्क। सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और वह अच्छी तरह रिकवर कर रहे हैं।

यह ऐतिहासिक सर्जरी फरीदाबाद में वर्ल्ड-क्लास और एडवांस मेडिकल केयर की बढ़ती उपलब्धता को दर्शाती है और ब्रेन व कान से जुड़ी जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

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