मेले की सांस्कृतिक संध्या को सलमान अली ने मनमोहक अंदाज से बनाया रंगीन
इंडियन आइडल फेम सलमान अली के गीत की मनभावनी पेशकेश से खिंचे चले पर्यटक
फरीदाबाद। सूरजकुंड में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में छठे दिन की सांस्कृतिक संध्या इंडियन आइडल फेम सलमान अली के नाम रही। मुख्य चौपाल पर सलमान अली ने अपनी सुरीली आवाज से सूफी, बॉलीवुड गीत गाकर देशी- विदेशी कलाकारों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इंडियन आइडल विजेता सलमान अली ने अपनी मखमली और बुलंद आवाज से ऐसा समां बांधा कि पूरा परिसर तालियों की गडगड़़ाहट से गूंज उठा।
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सलमान अली ने सांस्कृतिक संध्या का आगाज प्रसिद्ध सूफी गीत सांसों की माला से सिमरू मैं पी का नाम से किया, जैसे ही उन्होंने अपनी विशेष आलाप और तान छेड़ी, पूरा मेला परिसर तालियों की गडगड़ा़हट से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने भक्ति और सूफियाना संगीत का ऐसा मिश्रण पेश किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। सूफी गीतों के बाद उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट बॉलीवुड गाने गाए, जिस पर वहां मौजूद पर्यटक खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। सांस्कृतिक संध्या में सूफी संगीत के बाद सलमान अली ने एक के बाद एक कई सुपरहिट बॉलीवुड गानों की झड़ी लगा दी, जिस पर पर्यटक झूम उठे।
उनके द्वारा मेरे रश्के कमर, ओ लाल मेरी (दमादम मस्त कलंदर), जरा सी दिल में दे जगह तू, तेरी याद साथ है, काला चश्मा, झूम बराबर झूम और सुनो गौर से दुनिया वालों जैसे गीतों पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया। कार्यक्रम में भावुक पल तब आया जब उन्होंने ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे गीत गाकर दर्शकों के साथ एक सीधा संवाद स्थापित किया। गायक सलमान अली ने अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में आमंत्रित करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा का धन्यवाद किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी डा शालीन ने गायक सलमान अली को स्मृति देकर सम्मानित भी किया।
