सूरजकुंड शिल्प महोत्सव 2026 में बेहतरीन प्रस्तुतियों से कलाकार बांध रहे समां
छोटी चौपाल कलाकारों के लिए बन रही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का खजाना
फरीदाबाद। 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 के अंतर्गत छोटी चौपाल कलाकारों के लिए एक बेहतरीन और सशक्त सांस्कृतिक मंच के रूप में उभर रही है। यहां प्रतिदिन हो रहे कार्यक्रमों में प्रदेश के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह रहे हैं और कार्यक्रम को चार चांद लगा रहे हैं। हर रोज वंदे मातरम गीत के 150 वें स्मरण उत्सव के चलते गायन और डाँस प्रतियोगिता की आयोजित की जा रहीं हैं।
यह भी पढ़ें
उल्लेखनीय है कि छोटी चौपाल पर आयोजित ये सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक के. एम. पांडुरंग तथा अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया के मार्गदर्शन में प्रतिदिन आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलाकारों को नियमित रूप से मंच प्रदान किया जा रहा है। शुक्रवार को दिनभर चली प्रस्तुतियों में लोकनृत्य, शास्त्रीय नृत्य, सूफी संगीत, नाटक, रागिनी और हास्य कार्यक्रमों ने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं। सांस्कृतिक विविधता से भरपूर इन प्रस्तुतियों ने मेले में आए देश-विदेश के पर्यटकों को भारतीय कला और संस्कृति से रूबरू कराया।
कलाकार वेद सिंह द्वारा प्रस्तुत रागिनी, पुष्पा शर्मा द्वारा शास्त्रीय कथक नृत्य,समीन्द्र सम्मी द्वारा फाँक बैंड की प्रस्तुति,राम सिंह यादव एंड पार्टी द्वारा लोकनृत्य ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इसके साथ ही विकास चोपड़ा मस्करे रंगमंच द्वारा प्रस्तुत नाटक ने सामाजिक संदेश के साथ दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी डॉ दीपिका रानी ने बताया कि शिल्प महोत्सव 2026 के अंतर्गत 15 फरवरी तक छोटी चौपाल पर प्रतिदिन दिनभर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा। ये कार्यक्रम न केवल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान कर रहे हैं, बल्कि सूरजकुंड मेले की सांस्कृतिक पहचान को भी और अधिक समृद्ध बना रहे हैं।
