शिल्पकारों व कलाकारों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा सूरजकुंड मेला : डॉ अरविंद शर्मा

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में पर्यटन मंत्री ने की शिरकत

फरीदाबाद। हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा है कि यह मेला केवल कला और संस्कृति का उत्सव नहीं, बल्कि देश के शिल्पकारों, कलाकारों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और अवसर प्रदान करने वाला एक सशक्त मंच है। पर्यटन मंत्री श्री शर्मा सोमवार देर शाम अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले की चौपाल पर उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला वर्ष 1987 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में इस मेले की भव्यता, सुंदरता और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

मंत्री डॉ. शर्मा ने हाल ही में मेले से पूर्व घटित दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस, पर्यटन प्राधिकरण और जिला प्रशासन की तत्परता से स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया गया और किसी भी आम नागरिक को कोई क्षति नहीं हुई। उन्होंने जांबाज इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की वीरता और शहादत को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर कई लोगों की जान बचाई, जिसे प्रदेश सदैव स्मरण रखेगा। पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला शिल्पकारों, कलाकारों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए एक्सपोजर प्लेटफॉर्म है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 44 देशों ने भाग लिया था, जबकि इस वर्ष 50 से अधिक देशों की सहभागिता इस मेले की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत के निर्माण में सूरजकुंड शिल्प मेले का भी विशेष योगदान रहेगा, क्योंकि यह मेला स्वदेशी कला, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त करता है।

मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेले में आने वाले पर्यटक न केवल इसका आनंद लें, बल्कि शिल्पकारों से कुछ न कुछ खरीदारी अवश्य करें। इससे स्थानीय कलाकारों और कारीगरों का मनोबल बढ़ेगा और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने सुप्रसिद्ध शिवभक्त गायक कैलाश खेर का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा से उनके विशेष लगाव के कारण उन्होंने सूरजकुंड शिल्प मेले के लिए तुरंत सहमति दी। उन्होंने कहा कि कैलाश खेर जैसे कलाकारों की उपस्थिति से मेले की गरिमा और आकर्षण और बढ़ जाता है।

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