अशोका एंक्लेव, आर्य नगर में भव्य हिन्दू सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न

हिंदू सम्मेलन में संगठित होकर धर्म, एकता, शास्त्र और शस्त्र के मार्ग पर चलने का आह्वान: स्वामी श्री यतींद्रानंद गिरि जी महाराज।

फरीदाबाद । अशोका एंक्लेव सेक्टर 35 के सेंट्रल पार्क में आज भव्य हिन्दू सम्मेलन का विशाल आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा में क्षेत्र के निवासियों ने जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं जीवन दीप आश्रम के स्वामी श्री यतींद्रानंद गिरि जी महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के परिचय एवं सम्मान से हुआ।
इस अवसर पर स्वामी जी एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन भी किया।
मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी यतींद्रानंद गिरि जी महाराज उपस्थित रहे जो जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर हैं जीवन दीप आश्रम के संचालक हैं।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस सृष्टि में धर्म केवल एक ही है पूजा पद्धति विभिन्न हैं।
स्वामी जी ने सभी हिंदुओं को संगठित होने का आह्वान किया और कहा कि संगठित हिंदू ही इस देश को विकसित एवं विश्वगुरु के स्थान पर पुनः विभूषित करेगा।
स्वामी जी ने इस बात पर भी जोर दिया कि हिंदू समाज को शास्त्र (ज्ञान और धर्मग्रंथों की शिक्षा) तथा शस्त्र (आत्मरक्षा और साहस) दोनों के महत्व को समझते हुए संगठित रहना चाहिए। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा, राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मानव मंदिर मिशन की संचालिका समता श्री माता जी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी हिन्दुओं से आग्रह किया कि हिंदुओं को जोड़ने की शुरुआत घर से करनी होगी। संबंधों का ज्ञान और उनकी मर्यादा निभाना ही भारतीय संस्कृति है। यह सम्मेलन हमें सामुदायिक सद्भाव, हमारी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। हमें अपने समाज को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होना होगा और अपने बच्चों को हमारी संस्कृति की शिक्षा देनी होगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ शोभा यात्रा से हुआ उसके उपरांत मंच पर सांस्कृतिक गीत गए गए और विभिन्न वक्ताओं ने अपने सुंदर विचार भी श्रोताओं से साझा किए। सभी ने एकता, संस्कृति और परिवर्तन पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ और सभी ने भंडारा प्रसाद का आनंद लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि यह सम्मेलन वास्तव में एक ऐतिहासिक अवसर था, जिसने हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को याद दिलाया और हमें एकजुट होने का संदेश दिया।

यह कार्यक्रम क्षेत्र के सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मंदिर समिति, प्रबुद्ध संस्थानों के सहयोग से सनातन रीति नीति से पूर्ण हुआ।

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