आमजन विरोधी बिल के खिलाफ संसद से लेकर सडक़ तक होगा जोरदार संघर्ष : सुभाष लांबा
बिजली संशोधन बिल के खिलाफ 7 राजनीतिक दलों और बिजली कर्मियों ने भरी हुंकार
फरीदाबाद। बिजली क्षेत्र के निजीकरण का रास्ता खोलने वाले प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल के खिलाफ देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में नेशनल कन्वेंशन का आयोजन किया गया, जिसमें बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को सात प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) के बैनर तले आयोजित इस कन्वेंशन में सात राजनीतिक दलों के 11 मौजूदा तथा दो पूर्व लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने भाग लेकर बिल का खुलकर विरोध किया। कन्वेंशन की शुरुआत में एनसीसीओईईई के संयोजक एवं ईईएफआई के जनरल सेक्रेटरी सुदीप दत्ता ने बिजली संशोधन बिल के प्रावधानों को लेकर विस्तृत डिजिटल पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।
इसके बाद विभिन्न सांसदों ने अपने संबोधन में इस बिल को किसानों, गरीब उपभोक्ताओं, बिजली कर्मचारियों और आमजन के खिलाफ बताते हुए इसे बड़े कॉरपोरेट घरानों को बिना निवेश के लाभ पहुंचाने वाला बिल बताया। कन्वेंशन में मौजूद सांसदों और एनसीसीओईईई के वरिष्ठ नेताओं शैलेन्द्र दुबे, सुभाष लांबा, कृष्णा बोयेर, पी. रतनाकर राव और आर.के. शर्मा ने स्पष्ट घोषणा की कि इस बिल के खिलाफ अब संसद से लेकर सडक़ तक मजबूत और व्यापक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिजली कर्मचारियों ने 10 मार्च को देशभर में जोरदार प्रदर्शन कर इस बिल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। कन्वेंशन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), आम आदमी पार्टी (आप), भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (डीएमके), माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सांसदों ने भाग लिया।
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इस दौरान कांग्रेस से लोकसभा सांसद मल्लू रवि और पूर्व सांसद उदित राज, आरजेडी से राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा, आप से संजय सिंह, बीआरएस से वी. रविचंद्र, डीएमके से पी. विल्सन, माकपा से लोकसभा सांसद कॉमरेड अमरा राम, कॉमरेड आर. सच्चिदानंदन, कॉमरेड के. राधाकृष्णन, राज्यसभा सांसद कॉमरेड वी. शिवदासन, कॉमरेड जॉन ब्रिटस, पूर्व सांसद कॉमरेड तपन सेन तथा सीपीआई से राज्यसभा सांसद कॉमरेड पी. संतोष कुमार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बिल का विरोध किया।
सांसदों ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से जल्दबाजी में इस बिल को संसद में पेश कर पारित कराने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने देश के किसानों, मजदूरों और बिजली कर्मचारियों से एकजुट होकर सडक़ों पर उतरने का आह्वान किया। सांसदों ने भरोसा दिलाया कि सभी विपक्षी दल संसद के अंदर इस बिल का मजबूती से विरोध करेंगे और इसे पारित होने से रोकने की हर संभव कोशिश करेंगे। कांग्रेस सांसदों ने यह भी आश्वासन दिया कि एनसीसीओईईई के प्रतिनिधिमंडल की जल्द ही लोकसभा में नेता विपक्ष के साथ बैठक करवाई जाएगी।
