भूकंप आपदा से निपटने के लिए प्रशासन और एनडीआरएफ ने की संयुक्त मॉक ड्रिल

फरीदाबाद। 6.7 रिक्टर स्केल का भूकंप आने के बाद हुए नुकसान और लोगों की जान की सुरक्षा कैसे की जाए, इस बारे शुक्रवार को बल्लभगढ़ तहसील में एक मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। मॉकड्रिल में स्वास्थ्य विभाग की टीम, पुलिस, नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट फॉर्स, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, एसडीम ऑफिस की टीम समेत कई विभागों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल का नेतृत्व चीफ वार्डन, सिविल डिफेंस एवं आपदा प्रबंधन विषय विशेषज्ञ डॉ एमपी. सिंह ने किया।

बल्लभगढ़ एसडीएम मयंक भारद्वाज ने बताया कि अभ्यास के दौरान आपदा की स्थिति का वास्तविक जैसा दृश्य तैयार किया गया, जिसमें कुछ कर्मचारियों को घायल दिखाया गया। दो व्यक्तियों को गंभीर रूप से घायल दर्शाते हुए उन्हें उपचार हेतु बी.के. अस्पताल भेजा गया, जबकि कुछ लोगों को हल्की चोटें दिखाते हुए उन्हें नजदीकी बल्लभगढ़ के अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी पूरी तरह तैयार रखा गया, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

इस अवसर पर सिविल डिफेंस की ओर से आम जनता और कर्मचारियों को संदेश दिया गया कि सभी लोगों को इस प्रकार की मॉक ड्रिल में अधिक से अधिक भाग लेना चाहिए। ऐसे अभ्यासों में भाग लेने से आपात स्थिति के समय घबराहट कम होती है, सही निर्णय लेने में मदद मिलती है तथा जान-माल की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट गौरव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मॉक ड्रिल एनसीआर क्षेत्र में संभावित भूकंप आपदा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई।

इसका उद्देश्य भूकंप से प्रभावित इलाकों में लोगों तक समय पर राहत और बचाव सहायता पहुंचाने की तैयारियों को परखना था। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, राहत कार्यों की गति बढ़ाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर पीओ गुरूकरण सिंह सहित अन्य कई अधिकारीगण मौजूद रहे।

You might also like