नियम पीछे, वसूली आगे फॉर्म-6 जमा कराया नहीं, फीस बढ़ा दी
मंच ने इसे बताया सिर्फ कागजी कार्रवाई, शिक्षा विभाग व स्कूल संचालकों में आपसी सांठगांठ का लगाया आरोप
फरीदाबाद। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्राइवेट स्कूल संचालक किसी भी कानून को नहीं मान रह हैं। शिक्षा विभाग भी उनसे नियम कानूनों को मनवाने में अपने को असहाय महसूस कर रहा है। शिक्षा निदेशक पंचकूला ने 10 मार्च को आदेश निकालकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा था कि वे अपने जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों से 31 मार्च तक फार्म 6 बैलेंस शीट के साथ जमा करवायें। शिक्षा निदेशालय ने 25 मार्च को जिले वाइज जो सूची सार्वजनिक की है उसके अनुसार फरीदाबाद के 1372 स्कूलों में से सिर्फ 120 ने फार्म 6 जमा कराया है।
यह स्कूल भी हरियाणा बोर्ड के हैं। सीबीएसई के स्कूलों ने हर साल की तरह इस साल भी फॉर्म 6 जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। इस पर शिक्षा निदेशक ने 26 मार्च को जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर प्राइवेट स्कूलों द्वारा फार्म 6 जमा ना कराने पर नाराजगी प्रकट करते हुए आदेश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए की प्रत्येक स्कूल 31 मार्च तक फार्म 6 जमा कराना सुनिश्चित करें। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने इसे सिर्फ कागजी कार्रवाई बताया है और शिक्षा विभाग व स्कूल संचालकों में आपसी सांठगांठ का आरोप लगाया है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा व प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट वी एस बिरदी ने कहा है कि मंच ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री,शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिक्षा निदेशक की कार्य शैली व प्राइवेट स्कूलों की मनमानी की शिकायत की थी।
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मंच ने पत्र में लिखा था कि जब हरियाणा शिक्षा नियमावली में फार्म 6 जमा करने की तारीख 1 फरवरी तय कर रखी है तो शिक्षा निदेशक हर साल मार्च- अप्रैल में आदेश निकालकर फार्म 6 जमा करने के लिए क्यों कहते हैं? इतना ही नहीं आगे तारीख मई जून तक बढ़ाते रहते हैं। शिक्षा निदेशक यह नियम विरुद्ध कार्य प्राइवेट स्कूलों को फायदा पहुंचाने की नीयत से करते हैं। मंच ने कहा है कि शिक्षा निदेशक को स्पष्ट रूप से यह आदेश निकालना चाहिए कि सभी स्कूल संचालक निर्धारित की गई तारीख 1 फरवरी तक बैलेंस शीट के साथ फॉर्म 6 जमा करायें।
जब तक स्कूल प्रबंधक फार्म 6 जमा नहीं करेंगे और यदि जमा भी करेंगे तो जब तक जमा कराए गये ब्यौरे की जांच नहीं हो जाती तब तक वे नये शिक्षा सत्र में कोई फीस नहीं बढ़ायेंगे। लेकिन शिक्षा निदेशक प्राइवेट स्कूलों की सशक्त लाबी के दबाव में ऐसा आदेश नहीं निकालते हैं। आज स्थिति यह है कि शिक्षा निदेशालय अभी तक एमआईएस पोर्टल पर फॉर्म-6 भरवाने का इंतजाम कर रहा है जबकि अधिकांश निजी स्कूल पहले ही नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मनमानी फीस बढ़ा चुके हैं। जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। मंच ने सभी अभिभावकों से कहा है कि वे जागरूक बनें और एकजुट होकर स्कूलों की फीस वृद्धि व अन्य सभी मनमानियां का खुलकर विरोध करें। अप्रैल मई जून की बड़ी हुई फीस जमा न करें।
अगर स्कूल वाले परेशान करते हैं तो इसकी शिकायत सबसे पहले चेयरमैन फीस एंड फंडस रेगुलेटरी कमेटी स्नस्नक्रष्ट कम मंडल कमिश्नर व जिला शिक्षा अधिकारी के पास करें। उसकी एक कॉपी मंच के प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी के कोर्ट चेंबर 383 में जमा करायें। पिछले पांच वर्षों में हरियाणा में फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया लगातार देरी का शिकार रही है। सत्र 2021-22 में अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी लेकिन कई स्कूलों ने मई-जून तक फॉर्म जमा किए थे। सत्र 2022-23 में भी पोर्टल मई के पहले सप्ताह तक ही खुल पाया था। सत्र 2023-24 में डेडलाइन 30 अप्रैल से बढ़ाकर 10 मई करनी पड़ी थी। सत्र 2024-25 में भी यही स्थिति रही थी। सत्र 2025-26 में अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 7 मई करनी पड़ी फिर भी प्रक्रिया लंबित रही थी।
