सचेत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल डिटॉक्स और “काम विद काम” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
बल्लभगढ़ । अग्रवाल कॉलेज, बल्लभगढ़ ने अग्रवाल कॉलेज ऑफ लॉ (महिला) के सहयोग से “छात्रों के लिए डिजिटल डिटॉक्स” और “शिक्षकों के लिए काम विद काम” शीर्षक से एक ज्ञानवर्धक कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य और सचेत जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
यह अनेक कार्यकम देवेंद्र कुमार गुप्ता (अध्यक्ष, अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ गवर्निंग बॉडी) एवं दिनेश कुमार गुप्ता (महासचिव, अग्रवाल कॉलेज गवर्निंग बॉडी) की सदप्रेरणा से कॉलेज में विद्यार्थियों को प्रत्येक क्षेत्र में जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किए जाते हैं। अग्रवाल कॉलेज कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ संजीव कुमार गुप्ता एवं विंग वन के इंचार्ज डॉ सचिन गर्ग एवं अग्रवाल कॉलेज ऑफ लॉ की कार्यवाहिका प्रिंसिपल डॉ. नीरू मंगला के मार्गदर्शन में आयोजित हुई।
कार्यशाला की मुख्य वक्ता डॉ कुमुद अनेजा थीं, जो मनवृक्ष की संस्थापक, एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, लेखिका और मानसिक शक्ति परामर्शदाता हैं, जिन्हें शिक्षा, नेतृत्व और परामर्श के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। सुश्री अनेजा ने भावनात्मक कल्याण, आत्म-जागरूकता, लचीलापन और तनाव प्रबंधन पर अमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की।
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अपने सत्र के दौरान, मुख्यवक्ता ने छात्रों पर अत्यधिक स्क्रीन समय के हानिकारक प्रभावों पर प्रकाश डाला और डिजिटल गतिविधियों और वास्तविक जीवन की बातचीत के बीच एक स्वस्थ संतुलन प्राप्त करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ प्रस्तुत कीं। कार्यशाला में मोबाइल फोन पर निर्भरता कम करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर जोर दिया गया, जिनमें दैनिक स्क्रीन समय सीमा निर्धारित करना, अनावश्यक सूचनाओं को बंद करना, पढ़ाई, काम और पारिवारिक समय के दौरान फोन को दूर रखना और सोने से पहले इसका उपयोग न करना शामिल था।
शिक्षकों के लिए, “काम विद काम” सत्र तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और पेशेवर परिवेश में संयम बनाए रखने पर केंद्रित था, जिससे शिक्षकों को सकारात्मक मानसिकता विकसित करते हुए जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने की रणनीतियाँ मिल सकें।
मंच का संचालन सोनिया यादव ने किया। जिसमें डॉ. शिल्पा गोयल संयोजक थी और डॉ. सीमा मलिक और मोहिनी वर्मा आयोजन सचिव थीं। कार्यशाला के दौरान आयोजित सभी गतिविधियों में सभी छात्रों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक और आनंदपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला ने सचेत डिजिटल उपयोग और समग्र कल्याण के महत्व पर सफलतापूर्वक बल दिया, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए सशक्त बनाया गया। इस कार्यशाला में सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर
