पोर्टल पर स्वयं मॉनिटरिंग कर समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी : डीसी

- मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपायुक्तों और शिकायतकर्ताओं से किया सीधा संवाद  - लघु सचिवालय में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में डीसी आयुष सिन्हा ने सुनी नागरिकों की समस्याएं

फरीदाबाद । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि ‘समाधान शिविरों’ में आने वाली शिकायतों का समाधान अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निपटारा करना है, और इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की, बल्कि शिविरों में उपस्थित शिकायतकर्ताओं से भी सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और विभागीय कार्यवाही के बारे में व्यक्तिगत फीडबैक लिया। वीरवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित समाधान शिविर की अध्यक्षता उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों से यह अपेक्षा की है कि समाधान शिविरों और सरकारी कार्यालयों में आने वाली हर छोटी-बड़ी शिकायत को पूरी संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सुना जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शिकायत सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और जिन समस्याओं का तुरंत समाधान संभव नहीं है, उनके लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।

डीसी आयुष सिन्हा ने समाधान शिविरों की प्रभावशीलता को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि वे केवल अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं पोर्टल खोलकर शिकायतों की समीक्षा करें और उनका समाधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे प्राप्त शिकायतों का यथासंभव मौके पर ही निपटान करें। जिन मामलों का तुरंत समाधान संभव नहीं है, उनके लिए स्पष्ट कारणों सहित रिपोर्ट तैयार रखें, ताकि समीक्षा बैठक में लंबित मामलों पर संतोषजनक जवाब दिया जा सके। लंबित शिकायतों को बिना ठोस कारण के पुनः लंबित न रखने के निर्देश भी दिए गए।

डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन हमेशा नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर हैं और जनहित में यह पहल निरंतर जारी रहेगी। इसी क्रम में आमजन से अपील की गई है कि यदि किसी नागरिक को स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रॉपर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र, भूमि पंजीकरण, समाज कल्याण पेंशन, राशन कार्ड, स्थानीय निकायों से नो-ड्यूज प्रमाण पत्र, नगरपालिका द्वारा नक्शा पास करवाने, बिजली, सिंचाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य या आपराधिक शिकायतों से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो वह निःसंकोच समाधान शिविर में आकर अपनी शिकायत दर्ज कराए।

डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि जिला प्रशासन हर सोमवार और वीरवार को सुबह 10 से 12 बजे तक लघु सचिवालय में जनता की समस्याएं सुनकर त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायत समाधान शिविरों में नागरिकों की भागीदारी सरकार और प्रशासन पर उनके भरोसे को दर्शाती है।

समाधान शिविर एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, नगर निगम एडिशनल कमिश्नर सलोनी शर्मा, डीसीपी उषा कुंडू, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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