गुणवत्ता, सुरक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने में भारतीय मानकों की अहम भूमिका : कृष्ण पाल गुर्जर
भारतीय मानक ब्यूरो, फरीदाबाद शाखा कार्यालय द्वारा विश्व मानक दिवस 2026 का आयोजन
फरीदाबाद। भारतीय मानक ब्यूरो, फरीदाबाद लाखा कार्यालय द्वारा विश्व मानक दिवस 2026 का आयोजन रेजिसन ब्लू, फरीदाबाद में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय मानकों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा गुणवत्ता, सुरक्षा, नवाचार और सतत बिकात्त को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में भारत सरकार में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। साथ ही सीमा सुरक्षा बल डीआईजी ओम प्रकाश और सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. रामजप्स विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक एवं प्रमुख एम. के. परमानिक की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में उद्योग जगत, प्रयोगशालाओं, शैक्षणिक संस्थानों, बीआईएस लाइसेंसधारी निर्माताओं, जिला उद्योग केंद्रों तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों के कुल 276 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर मानकीकरण की भूमिका, उत्पादों एवं सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, उपभोक्ता हितों की रक्षा करने तथा औद्योगिक विकास को नई दिशा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विश्व मानक दिवस 2026 की श्रीम “एसडीजी 7: सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा’ रही। यह विषय सभी के लिए सस्ती, विश्वसनीय, सतत एवं आधुनिक ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा दक्षता में सुधार, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने में भारतीय मानकों के योगदान पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम ने विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बहाने, मानकों के प्रभावी अनुपालन तथा उद्योग एवं समाज में मानकीकरण की स्वीकार्यता को व्यापक बनाने पर सार्थक चर्चा हुई। इस आयोजन के माध्यम से भारतीय मानक ब्यूरो ने गुणवत्ता संस्कृति को सुदृद्ध करने, उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देने की अपनी प्रतिवद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन गुणवत्ता, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा एवं सतत विकास को बढ़ावा देने तथा भारतीय मानकों को व्यापक रूप से अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन उद्योग, उपभोक्ताओं और समाज के हित में मानकीकरण के महत्व को रेखांकित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सावित हुआ।