सरस मेले में दिखी ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण की झलक : राजेश कुमार
फरीदाबाद। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के निर्देशानुसार और सीईओ जिला परिषद शिखा के मार्गदर्शन में सेक्टर-12 एचएसवीपी ग्राउंड में आयोजित स्वदेशी उत्सव एवं सरस आजीविका मेला में आज भारत सरकार में सहायक निदेशक राजेश कुमार ने शिरकत की।
भारत सरकार में सहायक निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी और सशक्त मंच साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेला अपने उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है और आयोजन व प्रबंधन की दृष्टि से भी अत्यंत सराहनीय है।
राजेश कुमार ने एचएसआरएलएम की पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेले का संचालन बड़े अच्छे और कुशल तरीके से किया जा रहा है, जिससे यहाँ आने वाले आगंतुकों को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुखद अनुभव प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि मेले में लगाए गए विविध प्रकार के फूड स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, जहाँ लाइव कुकिंग के माध्यम से पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिल रहा है।
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इसके साथ ही हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) से जुड़े स्टॉल भी मेले का प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। इन स्टॉल्स के माध्यम से ग्रामीण परिवेश की कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर को शहरी उपभोक्ताओं तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास किया गया है।
राजेश कुमार ने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए होम प्रोडक्ट्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने बड़ी मेहनत और लगन से समूह के रूप में अपने उत्पाद तैयार किए हैं और उन्हें इस मेले के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया गया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि मेले की संपूर्ण व्यवस्था सुंदर और सुव्यवस्थित है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुँच रहे हैं, जिससे न केवल खरीदारी को बढ़ावा मिलेगा बल्कि एसएचजी समूहों की महिलाओं का उत्साह और हौसला भी बढ़ेगा। यह मेला ग्रामीण उत्पादों को सुलभ बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है।
