फरीदाबाद में रोबोटिक सर्जरी पर ऐतिहासिक सम्मेलन का आयोजन
फरीदाबाद। हरियाणा में रोबोटिक सर्जरी पर भारत का पहला समर्पित सम्मेलन, फरीदाबाद में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में दिल्ली-एनसीआर और पूरे भारत से प्रतिनिधि शामिल हुए और सम्मेलन का सीधा प्रसारण यूके, अमेरिका, इराक, केन्या, सौदी अरब और मंगोलिया में भी किया गया। मैरेंगो एशिया हॉस्पिटल्स एवं एसएस इनोवेशन्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन को एचएमसी क्रेडिट स्कोर 4 से सम्मानित किया गया है। डॉ. विक्रांत शर्मा (993 बेरिएट्रिक सर्जरी, जिनमें 945 रोबोटिक) ने एसएसआई मंत्रा प्लेटफ़ॉर्म पर रोबोटिक मिनी गैस्ट्रिक बाईपास का विस्तृत प्रदर्शन किया और बताया कि रोगी की त्वरित रिकवरी उच्च लागत की भरपाई करती है।
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डॉ. सचिन मित्तल ने अमेरिका में एक दशक से रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते उपयोग (कम जटिलताएं, औसतन 3 दिन कम अस्पताल में रहना), यूके में 2015-2024 के बीच तीन से चार गुना वृद्धि और एम्स के आंकड़े — ऑपरेशन के बाद दर्द में 50 प्रतिशत कमी और अस्पताल में रहने की अवधि में 30 प्रतिशत कमी — प्रस्तुत किए। डॉ. प्रबल रॉय ने सतर्क दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि वर्तमान साहित्य में रोबोटिक सर्जरी की श्रेष्ठता मुख्यत: यूरो-ऑन्कोलॉजी और पेल्विक ऑन्कोलॉजी तक सीमित है और सही मरीज, सही प्रशिक्षण एवं सही उद्देश्य के साथ इसे ब्रह्मास्त्र की तरह उपयोग करने का आह्वान किया। डॉ. हेमंत तांत्री ने तर्क दिया कि तीन वर्षीय एमएस सर्जरी कार्यक्रम पहले से ही थीसिस, रोटेशनल पोस्टिंग और मूल्यांकन के बोझ तले दबा है।
उन्होंने प्रशिक्षण को 6-8 वर्ष तक विस्तारित करने, सार्वभौमिक एमसीएच डिग्री लागू करने और रोबोटिक प्रशिक्षण को योग्यता के बाद प्रमाणन कार्यक्रमों के लिए आरक्षित रखने का साहसिक प्रस्ताव रखा। एसएस इनोवेशन्स के संस्थापक डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने स्ट्रासबर्ग, फ्रांस से इंदौर, भारत — 10,000 किमी से अधिक दूरी पर — 35-50 मिलीसेकंड की विलंबता के साथ बिना किसी प्रतिकूल परिणाम के सफलतापूर्वक सर्जरी की। अब तक 152 टेली-सर्जरी मामले पूरे हो चुके हैं, जिनमें 18 रोबोटिक कार्डियक प्रक्रियाएं शामिल हैं। एक ही दिन में गुरुग्राम के एक कार्यालय से 9 सर्जनों ने 12 घंटे में देशभर के 24 मरीजों की टेली-सर्जरी की। इस मौके पर एसएसबी हॉस्पिटल के प्रबंधक निदेशक एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेष डा. एसएस बंसल सहित फरीदाबाद शहर के जाने माने डाक्टर्स मौजूद थे।
