फायर बिग्रेड कर्मचारी हड़ताल पर, प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें

फरीदाबाद। फरीदाबाद में भीषण गर्मी के साथ ही आगजनी की घटनाएं बढऩे लगी हैं, लेकिन आगजनी से शहर की सुरक्षा करने वाला दमकल विभाग खुद ‘असहज’ स्थिति में है। पिछले 24 दिनों से जारी दमकल कर्मचारियों की हड़ताल ने विभाग की कमर तोड़ दी है। शहर में रोजाना 15 से 20 आग की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अनुभवी हाथों की कमी के कारण हालात बेकाबू होने का डर बना हुआ है। दमकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद में कुल 106 फायर कर्मचारी तैनात हैं। इनमें से करीब 68 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे केवल 37 कर्मचारियों के कंधों पर पूरे शहर की जिम्मेदारी आ गई है।

फरीदाबाद के 6 फायर स्टेशनों पर पहले से ही नियमित स्टाफ की भारी कमी थी, जो अब इस हड़ताल के बाद और भी गंभीर हो गई है। हड़ताल से निपटने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक तौर पर रोडवेज और होमगार्ड के कर्मचारियों को फायर स्टेशनों पर तैनात किया है। हालांकि, हड़ताली कर्मचारियों ने इस कदम पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि फायर फाइटिंग एक तकनीकी काम है, जिसके लिए विशेष प्रशिक्षण और अनुभव चाहिए। बिना ट्रेनिंग के रोडवेज कर्मियों या होमगाड्र्स को आग बुझाने भेजना उनके और जनता, दोनों की जान के साथ खिलवाड़ है।

आंकड़ों पर गौर किया जाए तो शहर में कुल छह फायर स्टेशन है, जहां स्टाफ की भारी कमी है। फिलहाल 68 कर्मचारी पिछले 24 दिनों से हड़ताल पर है,  जबकि 37 कर्मचारी दबाव में कार्य कर रहे है। शहर में बढ़ती गर्मी के कारण शॉर्ट सर्किट और अन्य कारणों से आगजनी की घटनाओं में इजाफा हुआ है। जानकारों का मानना है कि यदि किसी बड़े औद्योगिक क्षेत्र या बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगती है, तो बिना अनुभवी फायर फाइटर्स के उस पर काबू पाना नामुमकिन होगा। शहर में घटित हो रही आगजनी की घटनाएं प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन रही है।

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