महिलाओं को अधिकार और कानूनों का ज्ञान होना जरुरी : रंजीता मेहता

चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की मानद महासचिव रंजीता मेहता ने कहा है कि महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ-साथ कानूनों के बारे मेें पता होना चाहिए, तभी वह हक ले सकती है। बच्चियों को कानून की शिक्षा अवश्य लेनी चाहिए। मेरा अनुरोध सभी अभिभावकों से है कि वह अपने बेटियों को आगे बढऩे का मौका दें। रंजीता मेहता नारी सम्मान समारोह में बोल रहीं थी। रंजीता मेहता ने कहा कि बेटियां या महिला राजनीति में आए, तो परिवार का सहयोग बहुत जरुरी है। आपकी बहन, बेटी, पत्नी में क्वालिटी है, तो उनकी मदद अवश्य करें, ताकि वह परिवार का नाम रोशन कर सकें। महिलाएं प्रण लें कि हर महिला को सम्मान मिले, पूरी आजादी से हर बाजी जीते, महिलाएं रण जीतेंगी।
उन्होंने कहा कि हम उन बड़े नामों को तो याद कर रहे हैं जिन्होंने लंबे समय से ख्यातियां प्राप्त की, लेकिन हम उन बहनों के नामों को भूल जाते हैं जो ग्रामीण आंचल में भाई चारे की भावना को विकसित करने के लिए काम करती है। ग्रामीण आंचल और दूसरे क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं को उदाहरण के रूप में हमें लोगों के सामने लाना होगा। उन्होंने कहा कि नारी न हो तो ईश्रर का स्वरूप भी पुरा नहीं होता है। इसलिए हम इस समाज के आधे हिस्से को किसी भी सूरत में अनदेखा नहीं कर सकते। आदिकाल से लेकर अनेक ऐसे उदाहरण आए हैं जहां नारियों ने अपने महत्व को विश्व के सामने प्रस्तुत किया है, जो पीड़ा और कष्ट पांचाली ने देखा तभी तो युधिष्टिर को उन्होंने कहा कि एक हारा हुआ व्यक्ति उसे दाव पर कैसे लगा सकता है। उन्होंने आर्थिक स्थिति के मजबूती और कमजोरी दोनों रूपों में महिलाओं पर अत्याचार पर गहरी ङ्क्षचता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे उदाहरण, हमारे सामने दिन-प्रतिदिन सामने आते रहे हैं जहां आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, वहां पर भी महिलाओं पर अत्याचार और कष्ट हुए है। आर्थिक स्थिति के कमजोर होने पर भी यही कुछ महिलाओं के साथ घटित होता रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और कानूनी रुप से मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लाएं हैं, जिनका महिलाओं को काफी लाभ मिला है।

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